भारत ने कोरोना वैक्सीन नहीं दी, इसलिए बांग्लादेश ने हिलसा मछली की सप्लाई रोकी?

बांग्लादेश की पद्मा नदी में पाई जाने वाली हिलसा मछली को भारत में बहुत पसंद किया जाता है. ऐसी खबरें कि पिछले कुछ वक्त से भारत में बांग्लादेश से निर्यात होने वाली हिलसा मछली की सप्लाई कम हो गई है. इसी वैक्सीन से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

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हिलसा मछली को बंगाल में खूब पसंद किया जाता है. (फाइल फोटो-getty images) हिलसा मछली को बंगाल में खूब पसंद किया जाता है. (फाइल फोटो-getty images)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जून 2021,
  • अपडेटेड 7:32 AM IST
  • बांग्लादेश ने हिलसा की सप्लाई सीमित की
  • बंगालियों का पसंदीदा खाना है हिलसा मछली

बांग्लादेश की नदियों में हिलसा मछली पाई जाती है, जिसे भारत में बहुत पसंद किया जाता है. बांग्लादेश से ही हिलसा मछलियों का आयात किया जाता है. लेकिन पिछले कुछ वक्त से बांग्लादेश ने हिलसा के निर्यात को बहुत कम कर दिया है. माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि भारत की ओर से कोरोना वैक्सीन के निर्यात पर रोक लगा दी गई है.

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एक हिंदी न्यूज चैनल के मुताबिक भारत सरकार ने कोरोना वैक्सीन के निर्यात पर रोक लगा दी है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इसलिए इससे नाराज होकर बांग्लादेश सरकार ने भी हिलसा मछली के निर्यात को सीमित कर दिया है.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने बांग्लादेश को 1 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन भेजी थी, लेकिन देश में दूसरी लहर के दौरान वैक्सीन की कमी होने की वजह से भारत ने वैक्सीन के निर्यात पर अभी रोक लगा रखी है. इससे नाराज होकर बांग्लादेश सरकार ने भारतीयों की पसंदीदा हिलसा मछली के निर्यात को ही सीमित कर दिया. 

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हालांकि, पिछले काफी लंबे वक्त से ही बांग्लादेश ने हिलसा के निर्यात पर रोक लगा रखी है. लेकिन पिछले साल जमाई षष्ठी (बंगाल का एक त्योहार) के मौके पर बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार ने 2 टन हिलसा मछली को निर्यात करने की स्पेशल परमिशन दी थी. हिलसा मछली बांग्लादेश में पद्मा नदी (वहां गंगा नदी को पद्मा कहा जाता है) में पाई जाती है, जिसे बंगाल में काफी पसंद किया जाता है.

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कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने वैक्सीन नहीं भेजी, इसलिए हिलसा के निर्यात पर भी रोक लगा दी, ये अनुमान लगाना सही नहीं होगा. क्योंकि दोनों देशों के बीच संबंध हिलसा डिप्लोमेसी पर नहीं टिके हैं.

जब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक समझौते पर साइन करने के लिए ढाका गई थीं, तो वहां उन्होंने मजाक-मजाक में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से पूछा था, "मेनू में हिलसा के इतने सारे आइटम क्यों हैं?" इस पर हसीना ने जवाब देते हुए कहा, "जैसे ही तीस्ता नदी का वॉटल लेवल बढ़ेगा, हिलसा भी तैरकर बंगाल आ सकेगी."

 

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