ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारतीय विपक्षी दलों और नेताओं ने इस कदम की कड़ी निंदा की है. कांग्रेस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है. पार्टी ने कहा कि यह हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष ‘वसुधैव कुटुम्बकम' की सोच के विपरीत है.'
एक्स पर शेयर एक पोस्ट में कांग्रेस ने कहा, 'कांग्रेस ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है.' इससे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी खामेनेई की मौत की निंदा की थी.
प्रियंका गांधी और ओवैसी ने भी की निंदा
प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा, 'किसी संप्रभु देश के नेताओं की हत्या और निर्दोष लोगों की मौत को किसी भी कारण से सही नहीं ठहराया जा सकता.' उन्होंने वैश्विक शांति की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि अनावश्यक युद्धों की जगह संवाद और कूटनीति होनी चाहिए.
वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अमेरिका और इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि अगर हमले तुरंत बंद नहीं हुए, तो पूरा क्षेत्र अस्थिर हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'खामेनेई की हत्या अनैतिक और गैरकानूनी है, खासकर तब जब ईरान और अमेरिका जेनेवा में थे.'
'भारत ने एक भरोसेमंद मित्र खो दिया'
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक्स पर लिखा कि भारत ने एक भरोसेमंद मित्र खो दिया. ईरान हमेशा भारत का साथ देता रहा और ऊर्जा सुरक्षा में मदद करता रहा. उन्होंने सरकार से इस संकट पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की.
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि खामेनेई सिर्फ ईरान के सुप्रीम लीडर नहीं बल्कि शिया मुस्लिम समुदाय के प्रमुख थे. उनकी मौत का भविष्य में क्या असर होगा, यह समझना मुश्किल है.
उमर अब्दुल्ला ने कहा- ईरान में घटनाएं चिंता का विषय
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईरान में घटनाएं चिंता का विषय हैं. उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और तनाव न बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शोक मना रहे लोगों को शांतिपूर्वक अपनी भावनाएं व्यक्त करने दिया जाए और प्रशासन को संयम बरतना चाहिए. उन्होंने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर वहां के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी खामेनेई की मौत पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि यह इतिहास में एक दुखद और शर्मनाक मोड़ है. उन्होंने मुस्लिम देशों को चेतावनी दी कि न्याय के बजाय सुविधा और लाभ का चयन करना इतिहास में याद रखा जाएगा.
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