सुप्रीम कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय के कोलकाता में तृणमूल की सहयोगी कम्पनी आई-पैक पर डाले छापे पर सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री और पार्टी मुखिया ममता बनर्जी ने जवाब दाखिल कर दिया है. हालांकि, इस मामले में ईडी भी अपना रुख हफ्ते भर में सुप्रीम कोर्ट को बताएगा. अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की गई है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की तरफ से एडवोकेट निशांत कुमार ने जवाब दाखिल करते हुए ईडी के छापों की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले संदिग्ध झंडे दिखाए गए. तलाशी की आड़ में पार्टी के गोपनीय राजनीतिक और रणनीतिक डेटा की अवैध रूप से चोरी करना था.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में आईपीएसी कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय के तलाशी अभियान को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में 34 पन्नों का जवाब दाखिल किया है.
'शक्तियों का दुरुपयोग...'
ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया है, क्योंकि यह राज्य में चुनाव से पहले हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया है कि तलाशी तब ली गई, जब आई-पैक के पास संवेदनशील राजनीतिक सामग्री थी, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की एक लिस्ट का ड्राफ्ट भी शामिल था.
मुख्यमंत्री ने ईडी पर चुनिंदा और टार्गेटेड कार्रवाई का आरोप लगाते हुए दावा किया कि एजेंसी का इस्तेमाल विपक्ष से जुड़े लोगों को परेशान करने के लिए किया गया है. उन्होंने चुनावी तैयारी की अवधि के दौरान ईडी के जरूरत से ज्यादा सक्रिय होने का आरोप लगाया है, जिसमें चुनाव नजदीक आने पर ही निष्क्रिय जांच को फिर से शुरू किया जाता है. ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा है कि इस तरह की कार्रवाइयों का समय, चयनात्मकता और एकरूपता वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग का संकेत देती है.
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मुख्यमंत्री ने कहा है कि ईडी आई-पैक, उसके निदेशक प्रतीक जैन और कथित कोयला घोटाले के बीच कोई संबंध स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है. उन्होंने ईडी पर जांच की आड़ में पार्टी अपनी और अन्य नेताओं की निजता का उल्लंघन करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट की कार्यवाही को लेकर चल रहे 'नाटक' की भी निंदा करते हुए इसमें तृणमूल कांग्रेस की किसी भी भूमिका से इनकार किया है.
संजय शर्मा / सृष्टि ओझा