गौरव गोगोई के 'PAK कनेक्शन' की होगी जांच, असम कैबिनेट ने गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

असम कैबिनेट ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान लिंक मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए गृह मंत्रालय को सौंपने का फैसला किया है. SIT रिपोर्ट और FIR केंद्र को भेजी जाएगी. मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी और पाक नागरिक अली तौकीर शेख के संबंधों पर सवाल उठाए हैं. गोगोई ने आरोपों को बेबुनियाद बताया. मामले ने चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है.

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असम के सीएम ने गौरव गोगोई पर बड़ा आरोप लगाया है. Photo ITG असम के सीएम ने गौरव गोगोई पर बड़ा आरोप लगाया है. Photo ITG

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

असम कैबिनेट ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान लिंक से जुड़े मामले को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) को भेजने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है और कैबिनेट ने माना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है.

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SIT रिपोर्ट और ‘एंटी-इंडिया साजिश’ की जांच
सरमा ने कहा कि अली तौकीर शेख की कथित “भारत विरोधी साजिश” की जांच के लिए SIT बनाई गई थी, जिसमें एक ब्रिटिश नागरिक और एक सांसद के साथ मिलीभगत की बात कही गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया गया है. SIT रिपोर्ट और दर्ज FIR भी केंद्र को भेजी जाएगी.

चुनाव से पहले राजनीतिक टकराव तेज
इस फैसले को सरमा द्वारा गोगोई पर हमले की बड़ी राजनीतिक बढ़ोतरी माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है. सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पाकिस्तान से संबंध हैं. उनका दावा है कि गोगोई की पत्नी पहले एक ऐसे NGO से जुड़ी थीं, जिसके कथित तौर पर पाकिस्तानी हितों से संबंध रहे हैं, और गोगोई पहले पाकिस्तान जा चुके हैं.

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पाक उच्चायोग से मुलाकात का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि गौरव गोगोई एक डेलिगेशन को लेकर पाकिस्तान हाई कमीशन गए थे और उस समय के पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित से मिले थे. उन्होंने कहा कि उन्हें याद नहीं कि किसी नेता ने इस तरह डेलिगेशन के साथ पाक उच्चायोग से मुलाकात की हो. उन्होंने यह भी कहा कि SIT ने गोगोई से पूछताछ नहीं की, क्योंकि वे मौजूदा सांसद हैं और उनके पद का सम्मान रखते हुए मामला केंद्र को सौंपा गया. सरमा ने कहा कि अगर अभी गिरफ्तारी जैसे कड़े कदम उठाते तो उन पर चुनाव से पहले राजनीति करने का आरोप लगता.

तीन प्रमुख किरदारों का जिक्र
कैबिनेट के अनुसार यह निजी मामला नहीं, बल्कि तीन प्रमुख किरदारों एक सांसद, उनकी ब्रिटिश पत्नी और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से जुड़ा मामला है. SIT को शेख द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में कथित दखल की जांच का जिम्मा दिया गया था. SIT ने तय समय सीमा तक अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी.

कुछ जानकारी सार्वजनिक करने की घोषणा
सरमा ने कहा कि कुछ ऐसी जानकारी, जो गोपनीय नहीं है, उसे वे रविवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक करेंगे. कैबिनेट ने इसके लिए उन्हें अधिकृत किया है.

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पाकिस्तान यात्रा और सोशल मीडिया ‘ब्लैकआउट’ का दावा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि असम के एक सांसद ने उस समय पाकिस्तान यात्रा की थी, जब उनके पिता तरुण गोगोई मुख्यमंत्री थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस यात्रा की जानकारी केंद्र सरकार को नहीं दी गई और पाकिस्तान दौरे के दौरान सोशल मीडिया से “ब्लैकआउट” रखा गया.

पत्नी के कामकाज को लेकर आरोप
सरमा ने आरोप लगाया कि गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबोर्न मार्च 2011 से मार्च 2012 के बीच पाकिस्तान में काम कर चुकी हैं और उनका पेशेवर संपर्क अली तौकीर शेख से था. SIT के अनुसार वह LEAD Pakistan और Climate and Development Knowledge Network (CDKN) जैसी संस्थाओं से जुड़ी रहीं और शेख के साथ शोध पत्र भी लिखे. सरमा ने दावा किया कि जांच शुरू होने के बाद शेख ने सोशल मीडिया से उनसे जुड़े पोस्ट हटा दिए.

केंद्रीय एजेंसियों की जरूरत बताई
मुख्यमंत्री ने कहा कि शेख UPA सरकार के दौरान कई बार भारत आए, लेकिन 2014 में NDA सरकार आने के बाद उनका आना बंद हो गया. SIT को कुछ संवेदनशील जानकारी और सामग्री मिली है, लेकिन राज्य पुलिस के पास फोन रिकॉर्ड और कुछ गोपनीय दस्तावेज हासिल करने का अधिकार नहीं है, जो केवल केंद्रीय एजेंसियां ही जुटा सकती हैं.

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गौरव गोगोई ने आरोपों को नकारा
गौरव गोगोई ने इन आरोपों को “हास्यास्पद, बेबुनियाद, पागलपन और बकवास” बताया है. उन्होंने मुख्यमंत्री पर बिना तथ्य पेश किए “आईटी सेल ट्रोल” की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया. गृह मंत्रालय को मामला भेजने के ताजा फैसले पर उनकी प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है.

मानहानि केस की भी तैयारी
यह घटनाक्रम असम में सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच टकराव को और तेज करता है. सरमा ने आरोप लगाया कि गुवाहाटी स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन “एंटी-असमिया गतिविधियों” का केंद्र बन गया है. उन्होंने अपने और परिवार के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर कांग्रेस नेताओं पर मानहानि के मुकदमे दायर करने की भी घोषणा की.

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