पैनिक बुकिंग में कमी, जमाखोरी पर एक्शन, ऊर्जा संकट पर सरकार की ब्रीफिंग

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि आम आदमी के इस्तेमाल वाले नॉर्मल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. साथ ही एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है.

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पैनिक बुकिंग में आई कमी. (Photo: Social Meida) पैनिक बुकिंग में आई कमी. (Photo: Social Meida)

ऐश्वर्या पालीवाल

  • नई दिल्ली,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू स्तर पर पैनिक बुकिंग में कमी आई है और कोई भी रिटेल आउटलेट रिटेल आउटलेट्स पर गैस की कोई कमी नहीं है. साथ ही मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है, क्योंकि वितरण प्रणाली पूरी तरह सामान्य रूप से कार्य कर रही है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि देश भर में रसोई गैस के लिए हो रही पैनिक बुकिंग में कमी आई है. कल हमने लगभग 55 लाख बुकिंग अनुरोध मिले. डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है और ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए सिलेंडर दिए जा रहे हैं.

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हालांकि, स्थिति अभी-भी चिंताजनक है, क्योंकि युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई प्रभावित है. पर हमारे डिस्ट्रीब्यूटर्स पर गैस की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि सभी राज्यों में पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध है.

उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछले एक हफ्ते में 11,300 टन कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को सप्लाई की गई है. लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कमर्शियल एलपीजी के लिए आवंटन आदेश  जारी कर दिए हैं.

जमाखोरी पर एक्शन

मंत्रालय ने होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ा रुख अपनाया है. सुजाता शर्मा ने बताया कि कल ही 4,500 से अधिक छापेमारी की गईं, जिसमें अवैध स्टॉक जब्त किया गया.

उन्होंने कहा कि 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए गए हैं. पिछले एक हफ्ते में 11,300 टन कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई गई है.

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PNG पर शिफ्ट हुए 7500 उपभोक्ता

इसके अलावा लगभग 7,500 उपभोक्ताओं ने एलपीजी से पीएनजी (PNG) पर शिफ्ट हो चुके हैं, जिससे सिलेंडर की मांग का दबाव कम हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि सरकार सभी राज्यों में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दे रही है, जिसमें अतिरिक्त आवंटन और किराया/लीज चार्ज में छूट शामिल है.

प्रीमियम कैटेगरी के पेट्रोल में बढ़ोतरी

ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. दिल्ली में 95-ऑक्टेन वाले प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये से बढ़कर 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कुल पेट्रोल बिक्री का केवल 2 से 4 प्रतिशत हिस्सा ही प्रीमियम कैटेगरी का पेट्रोल बिकता है, इसलिए आम जनता पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. सामान्य पेट्रोल अब भी 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर की पुरानी दर पर ही उपलब्ध है.

जॉइंट सेक्रेटरी ने ईंधन की कीमतों के निर्धारण पर बात करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 2010 और 2014 में विनियमित (deregulate) कर दी गई थीं. अब कीमतों में बदलाव का फैसला पूरी तरह से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का कॉर्पोरेट कॉल होता है, इसमें सरकार सीधे हस्तक्षेप नहीं करती है.

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हालांकि, सरकार वैश्विक तेल बाजारों की बारीकी से निगरानी कर रही है. फिलहाल तेल कंपनियों से अपेक्षा की जा रही है कि वो लागत के दबाव को खुद वहन करें, ताकि आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखा जा सके. अप्रैल 2022 से रिटेल कीमतों को स्थिर रखा गया है.

आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें ईरान संघर्ष के कारण बढ़कर USD 119 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं जो अब USD 108 के आसपास है. भारत 88 प्रतिशत क्रूड ऑयल और आधे से ज्यादा नेचुरल गैस आयात करता है, जिसमें से अधिकांश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है.

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