घबराएं नहीं... देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, होर्मुज संकट पर बोली केंद्र सरकार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है. रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और सप्लाई सामान्य बनी हुई है. सरकार ने लोगों से संयम बरतने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है.

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सरकार का कहना है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. (AP Photo: PTI) सरकार का कहना है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. (AP Photo: PTI)

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST

केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर एक बार​ फिर स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं. सरकार ने रविवार को देश के नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों के चलते घबराकर ईंधन की अनावश्यक खरीद न करें. 

यह बयान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद रहने से तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. मंत्रालय ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है. घरेलू खपत को ध्यान में रखते हुए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है. 

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सरकार ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के कारण पैनिक बायिंग की खबरें आई हैं, लेकिन देशभर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है. घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क ₹10 प्रति लीटर घटाया है. साथ ही डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है.

गैस आपूर्ति को प्राथमिकता

मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और परिवहन के लिए सीएनजी (CNG) की आपूर्ति 100% जारी है. वहीं इंडस्ट्री और कमर्शियल कंज्यूमर्स को औसतन 80% गैस मिल रही है. यूरिया संयंत्रों को 70–75% गैस की आपूर्ति की जा रही है. आपूर्ति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एलएनजी (LNG) और आरएलएनजी (RLNG) कार्गो की व्यवस्था की जा रही है. सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को कमर्शियल प्रतिष्ठानों के लिए PNG कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं. मार्च में घरेलू और व्यावसायिक क्षेत्रों में 2.9 लाख से अधिक नए कनेक्शन जोड़े गए.

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एलपीजी सप्लाई पर दबाव

सरकार ने माना कि भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी सप्लाई पर कुछ दबाव है, लेकिन कहीं भी वितरण बाधित नहीं हुआ है और घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य है. 18 से 27 मार्च के बीच लिए गए फैसलों के तहत कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति को धीरे-धीरे बढ़ाकर 70% तक कर दी गई है, जिसमें हॉस्पिटैलिटी, फूड प्रोसेसिंग, स्टील और टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता दी गई है. कल एक ही दिन में 55 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई. साथ ही डिलीवरी में गड़बड़ी रोकने के लिए वेरिफिकेशन सिस्टम को मजबूत किया गया है.

जमाखोरी पर सख्त एक्शन

सरकार ने राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है और वितरण केंद्रों की पहचान करने को कहा है. आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. कल एक दिन में करीब 2,900 छापे मारे गए और लगभग 1,000 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए.

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पोर्ट और शिपिंग ऑपरेशन

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि देश के सभी पोर्ट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी जाम की स्थिति नहीं है. करीब 94,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर दो जहाज सुरक्षित रूप से भारतीय पोर्ट की ओर बढ़ रहे हैं. जहाजरानी महानिदेशालय अब तक 942 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस ला चुका है और 24x7 निगरानी कर रहा है.

पश्चिम एशिया पर पैनी नजर

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है. क्षेत्र में भारतीय दूतावास हेल्पलाइन के जरिए नाविकों, छात्रों और अन्य नागरिकों को सहायता दे रहे हैं. 28 फरवरी से अब तक करीब 5.24 लाख लोग विभिन्न माध्यमों से भारत लौट चुके हैं. बता दें कि फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाला तेल और गैस आयात प्रभावित हुआ है. 

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