क्या LAC विवाद का हल निकलेगा? चीन के साथ बैठक के बाद भारत ने कही ये बात

भारत और चीन ने एलएसी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और व्यापक तौर पर बाकी विवादित क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के प्रस्ताव पर चर्चा की. इससे क्षेत्र में शांति और सौहार्द की बहाली में मदद मिलेगी. एमईए ने कहा कि दोनों देशों ने सैन्य और राजनयिक माध्यमों से चर्चा को जारी रखने पर भी सहमति बनाई.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST

भारत और चीन के बीच बुधवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के मौजूदा हालात को लेकर बीजिंग में बैठक हुई. यह बातचीत एलएसी के बाकी विवादित हिस्सों से सैनिकों की वापसी को लेकर थी. लेकिन अभी तक इस बातचीत के सफल होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं. एलएसी को लेकर दोनों देशों के बीच यह 26वीं बैठक थी.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप उद्देश्यों को हासिल करने के लिए जल्द से जल्द 18वें दौर की सैन्य वार्ता पर सहमति बनी.

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मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने एलएसी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और व्यापक तौर पर बाकी विवादित क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के प्रस्ताव पर चर्चा की. इससे क्षेत्र में शांति और सौहार्द की बहाली में मदद मिलेगी. एमईए ने कहा कि दोनों देशों ने सैन्य और राजनयिक माध्यमों से चर्चा को जारी रखने पर भी सहमति बनाई.

बता दें कि डब्ल्यूएमसीसी की 26वीं बैठक बीजिंग में 22 फरवरी 2023 को हुई. यह जुलाई 2019 के बाद डब्ल्यूएमसीसी की पहली बैठक थी. 

विदेश मंत्रालय से संयुक्त सचिव (पूर्व एशिया) ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की. चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा और समुद्री मामलों के विभाग के महानिदेशक ने की. इस बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने ज्वलंत मुद्दों को सुलझाने के लिए व्यापक बातचीत की. 

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बीजिंग में डब्ल्यूएमसीसी की बैठक दिल्ली में जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक से एक हफ्ते पहले हुई है. चीन के विदेश मंत्री किन गांग एक और दो मार्च को इस बैठक में शिरकत कर सकते हैं. 

बता दें कि भारत बार-बार यह कहता रहा है कि चीन के साथ संबंधों को तब तक सामान्य नहीं किया जा सकता, जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति बहाल नहीं हो जाए. पांच मई 2020 को पैंगोंग लेक क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख बॉर्डर पर गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई थी. 

साल 2019 में एलएसी को लेकर हुई बैठक के बाद यह पहली बैठक है. दरअसल 2019 से लेकर 2022 के बीच कोरोना के चलते सारी मीटिंग्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई थी. 

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