आम चुनाव 2024 से पहले राष्ट्रीय स्तर पर एक गठबंधन की कवायद हुई थी. विपक्षी दलों ने इसे नाम दिया था इंडिया ब्लॉक. इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियों ने 'कहीं साथ, कहीं खिलाफ' के फॉर्मूले पर 2024 का चुनाव लड़ा था. चुनाव बीतने के बाद इंडिया ब्लॉक के भविष्य पर सवाल उठ रहे थे. अब फिर से इंडिया ब्लॉक को लेकर विपक्षी पार्टियां एक्टिव मोड में आ गई हैं.
इंडिया ब्लॉक की आज देश की राजधानी दिल्ली में बैठक है. इस बैठक में 23 विपक्षी दलों के नेता शामिल हो सकते हैं. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से तेजस्वी यादव शामिल होंगे.
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने इंडिया ब्लॉक की मीटिंग पर तल्ख टिप्पणी की है. दिलीप घोष ने कहा है कि इस गठबंधन का अब अस्तित्व नहीं है. उन्होंने ममता बनर्जी के बैठक में शामिल होने को मजबूरी में उठाया गया कदम बताया और कहा कि उनकी अपनी पार्टी के सांसद-विधायक ही उनके साथ नहीं हैं. टीएमसी के विधायक-सांसद-पार्षद एक्टिव नहीं हैं, अपने कार्यालयों तक नहीं जाते. सत्ता से हटते ही टीएमसी का ढांचा ढह गया है.
इंडिया ब्लॉक की इस बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शामिल नहीं होंगे. इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में आरजेडी का प्रतिनिधित्व बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव करेंगे.
देश की राजधानी दिल्ली में होने जा रही इंडिया ब्लॉक की बैठक में 23 दलों के नेता शामिल होंगे. इंडिया ब्लॉक की इस बैठक को लेकर राज्यसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश ने यह जानकारी दी है. जयराम रमेश ने 23 पार्टियों के नेताओं की ओर से बैठक में शामिल होने के लिए हामी भरे जाने का दावा किया है.
विपक्षी इंडिया ब्लॉक की आज दिल्ली में बैठक है. आम आदमी पार्टी और डीएमके ने इस बैठक से दूरी बना ली है. डीएमके ने पहले ही साफ कह दिया था कि वह ऐसी किसी भी बैठक में शामिल नहीं होगी, जिसमें कांग्रेस पार्टी शामिल हो. इंडिया ब्लॉक की स्थापना के बाद यह पहला मौका है, जब डीएमके किसी बैठक में शामिल नहीं हो रही है.