इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच पर दुनिया भर से कई दिग्गजों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए इस समिट ओपनएआई के चीफ एक्जिक्यूटिव सैम अल्टमैन से लेकर गूगल डीपमाइंड के को फाउंडर सर डेमिस हसाबिस तक ने शिरकत की.
इंडिया टुडे ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान अलग-अलग सत्रों और पैनल चर्चाओं का विश्लेषण किया. इनमें पता चला कि ग्लोबल एआई नेताओं के विचार नीति, शक्ति और व्यवसायों को आकार दे सकते हैं.
पॉपुलर एआई लीडर्स में से एक और Open AI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने एआई की एआई पर आधारित तकनीकी बदलाव के दुष्परिणामों पर बात की. उन्होंने कहा- 'जब आप आर्ट और ह्यूमैनिटीज के क्षेत्र में आते हैं, तो फैसले लेने और नीतियों जैसी चीजों में एक ही एक्सपेरिमेंट को दो बार दोहराना मुश्किल होता है.'
ऑल्टमैन ने आगे कहा, 'इसलिए ऐसे मामलों में सही फैसला क्या है, इसके बारे में डेटा जुटाना मुश्किल है. इसलिए मुझे लगता है कि एआई के लिए उन गलतियों का मॉडल बनाना मुश्किल होगा.'
डारियो अमोडेई ने दी चेतावनी
Anthropic के सीईओ डारियो अमोडेई ने भी समिट के दौरान एआई की तेजी से हो रही तरक्की और उससे होने वाले आर्थिक झटकों को लेकर सावधानी जताई. उन्होंने कहा, 'क्योंकि ये बहुत तेजी से हो रहा है, इससे अस्थिरता का समय आ सकता है. हमें कंपनियों और सरकारों के बीच मिलकर इस संक्रमण काल को बेहतर ढंग से संभालना होगा.'
इमैनुएल मैक्रॉन ने भी दी राय
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी अपनी राय दी और कहा, 'कुछ गलत जानकारी रखने वाले दोस्तों के दावों के विपरीत, यूरोप अंधाधुंध रूप से नियमों पर केंद्रित नहीं है. यूरोप नवाचार और निवेश की जगह है, लेकिन ये एक सुरक्षित जगह है.'
जीत अडानी ने साझा किए विचार
Adani Digital Labs के निदेशक जीत अडानी ने एआई को राष्ट्र-निर्माण परियोजना के रूप में पेश किया. उन्होंने इसे 'आधुनिक राष्ट्रवाद का सर्वोच्च रूप' बताया. उनके मुताबिक एआई को व्यापार से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय शक्ति के आयाम में ले जाता है.
(इनपुट: खुशी सोनकर)
अंकित कुमार / बिदिशा साहा