राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही मौसम के तेवर बदल गए हैं. दिन में तेज चमकती धूप के साथ गर्मी का एहसास होने लगा है. साथ ही सर्दी की विदाई के संकेत भी साफ दिखने लगे हैं. बीते दो दिन से तेज हवाओं के थमने के बाद दोपहर की धूप चुभती हुई महसूस की जा रही है. उत्तर भारत के राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. यही हाल रहा तो फरवरी के खत्म होने के पहले ही होली के बाद वाली गर्मी का एहसास होने लगेगा.
मौसम विभाग (IMD) और स्काइमेट वेदर के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, फरवरी 2026 सामान्य से ज्यादा गर्म रहने वाला है. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 25-28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो फरवरी के लिए अधिक है. उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में फरवरी की शुरुआत में ही अधिकतम तापमान 17-18 डिग्री से बढ़कर अब 25-26 डिग्री तक पहुंच गया है.
11 फरवरी को भी दिल्ली में आसमान साफ है. न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है. वहीं, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी पारा तेजी से चढ़ रहा है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी की विदाई जल्दी हो रही है, और फरवरी के अंत तक गर्मी और बढ़ सकती है.
Delhi February Temperature Record
मुंबई समेत इन शहरों में बढ़ा पारा
मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में फरवरी में ही गर्मी ने दस्तक दे दी है. मुंबई में अधिकतम तापमान 35 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जो सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा है. दक्षिण भारत में न्यूनतम तापमान भी 21-22 डिग्री के आसपास रह रहा है, जिससे रातें भी गर्म लग रही हैं. मौसम विभाग का कहना है कि फरवरी में देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है.
बारिश से पहले मौसम विभाग को कैसे चल जाता है पता? IMD का सिस्टम समझिए
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी की अवधि छोटी रही है. पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गए हैं, और दिन में सूरज की तपिश बढ़ गई है. हालांकि, रातें अभी भी ठंडी हैं. यह जलवायु परिवर्तन का भी एक संकेत हो सकता है, जिससे गर्मी जल्दी आ रही है. बता दें कि जब आसमान साफ होता है, तो सूर्य की रोशनी सीधे जमीन तक पहुंचती है और सतह को अधिक कुशलता से गर्म करती है, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी होती है.
बारिश कम, सूखे का डर!
IMD के मौसमी पूर्वानुमान के मुताबिक, फरवरी में पूरे देश में बारिश सामान्य से कम (81% से नीचे) रह सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में तो बारिश और भी कम होने की उम्मीद है. इससे रबी फसलों जैसे गेहूं, जौ और सरसों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि गर्मी से फसलों को नुकसान हो सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 4-5 दिनों में उत्तर भारत में तापमान और 2-3 डिग्री बढ़ सकता है.
पहाड़ों पर अभी भी बारिश-बर्फबारी का दौर
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हैं. जिसकी वजह से 11 फरवरी और फिर 14-15 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. इससे पहाड़ों पर तो ठंड बढ़ी है, लेकिन मैदानों तक इसका असर कम पहुंच रहा है. मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 और 16-17 फरवरी को भी कुछ जगहों पर बारिश-बर्फबारी के आसार हैं.
सना जैदी