34 साल बाद भी पूरा होने का इंतजार कर रहा फरीदाबाद-नोएडा-गाज़ियाबाद एक्सप्रेसवे

फ़रीदाबाद-नोएडा-गाज़ियाबाद (FNG) एक्सप्रेसवे तीन शहरों-फरीदाबाद, नोएडा और ग़ाज़ियाबाद को जोड़ने वाला प्रस्तावित 43 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे है. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर भीड़ कम करने में मदद कर सकता है.

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तीन दशक से अधिक समय से लटकी हुई एफएनजी एक्सप्रेसवे परियोजना तीन दशक से अधिक समय से लटकी हुई एफएनजी एक्सप्रेसवे परियोजना

अभि‍षेक आनंद

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST

फ़रीदाबाद-नोएडा-गाज़ियाबाद (FNG) एक्सप्रेसवे को बनाने का फैसला 1989 में किया गया था, लेकिन तीन दशक बीत जाने के बाद भी समस्याओं के अंतहीन चक्र में फंसी यह एक्सप्रेस की परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो सकी है. राष्ट्रीय राजधानी को तीन शहरों से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे फरीदाबाद से शुरू होता है और गाजियाबाद में समाप्त होता है. नोएडा में एक सेंगमेंट का निर्माण कार्य विभिन्न वजहों की वजह से अभी तक पूरा नहीं पाया है.

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जबकि इस एक्सप्रेसवे पर अधिकांश काम नोएडा में पूरा हो चुका है. नोएडा में यमुना पर एक पुल का निर्माण होना है जिसके लिए संबंधित अधिकारी अपने हरियाणा समकक्षों से मदद मांगी लेकिन अभी तक बात आगे नहीं बढ़ सकी है.फ्लाईओवर के चल रहे काम की धीमी गति के कारण काम पूरा होने में और बाधा आ रही है.

3 दशकों से लटकी हुई है परियोजना

अभी स्थिति ये है कि तीनों शहरों में से किसी एक की यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचने से पहले दिल्ली से होकर गुजरना पड़ता है. इसके अलावा, नोएडा प्राधिकरण के लिए भूमि अधिग्रहण परेशानी का सबब बना हुआ है.

फरीदाबाद के रहने वाले आर्केटेक्ट अर्चित प्रताप सिंह बताते हैं,'1989 में इस एक्सप्रेसवे को बनाने का निर्णय लिया गया था और तब इसकी लागत 1000 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी. इसका उद्देश्य तीनों शहरों के लिए भीड़भाड़ को कम करना था. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे बनने की वजह से ट्रकों, लंबी रूट की बसों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक का दवाब दिल्ली पर थोड़ा कम जरूर हुआ, लेकिन इसके बावजूद समस्या बनी हुई है. पुल निर्माण को लेकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों के बीच सहमति के कारण मामले में देरी होती गई.' 

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नोएडा में, एक्सप्रेसवे सेक्टर 117, 118, 121, 119, 142, 159, 141, 160, 162, 163, 164, 156 और 158 से होकर गुजरता है. हालांकि, कुल प्रस्तावित 43 किमी एक्सप्रेसवे में से केवल 6- 7 किलोमीटर उपयोग में है, जो एनएच 24 से सेक्टर 117 तक फैला हुआ है. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है.

आम लोगों को मिलेगा फायदा

सिंह ने बताया, 'सेक्टर 117 में एफएनजी परियोजना भूमि विवाद के कारण रुकी हुई है. दादरी रोड और नोएडा एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर मोटर चालक इसके पूरा न होने के कारण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.' अधिकारी कई परेशानियों से जूझ रहे हैं. गाजियाबाद, फ़रीदाबाद और नोएडा के निवासी एक्सप्रेसवे को शीघ्र पूरा करने की मांग कर रहे हैं.

न्यू एरा फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा, 'यह एक्सप्रेसवे, एक बार पूरा हो जाने पर, न केवल फरीदाबाद जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा बल्कि उन लोगों को भी फायदा मिलेगा जो नियमित रूप से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का उपयोग करते हैं. सरकार को लगातार बढ़ते यातायात भार को देखते हुए इस प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है.'

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