समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ जो भी दल गया है, उसको नुकसान ही हुआ है. उन्होंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान आंध्र प्रदेश में गठबंधन सरकार की अगुवाई कर रही तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को साइकिल वालों कहकर संबोधित किया और विपक्ष में आने का न्योता भी दिया.
धर्मेंद्र यादव ने नीतीश कुमार का नाम लिए बिना कहा कि बिहार के सीएम साहब के साथ जो हुआ है, उनकी पार्टी के लोग भी यहां बैठे हुए हैं. उन्होंने एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना शिवसेना (शिंदे) के सांसद डॉक्टर श्रीकांत शिंदे की ओर इशारा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ, शिंदे साहब भी यहां बैठे हुए हैं. धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश वालों, सतर्क ही रहना. बीजेपी के झांसे में मत आना.
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और टीडीपी, दोनों का चुनाव चिह्न साइकिल ही है. ये पहले हमारे साथ थे, अभी उनके साथ हैं. धर्मेंद्र यादव ने कहा कि 18वीं लोकसभा में ये फिर हमारे साथ ही आने वाले हैं. आंध्र प्रदेश की जनता के हित में इस बिल का पुरजोर समर्थन करता हूं. उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में विशाखापत्तनम बेहतर विकल्प हो सकता था. विशाखापत्तनम को पहले से ही संभावित राजधानी के रूप में विकसित भी किया जा रहा था.
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धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अगर विशाखापत्तनम को समय पर राजधानी के रूप में स्वीकार कर लिया जाता, तो आज जमीन और निवेश को लेकर बहस की जरूरत ही नहीं पड़ती. उन्होंने कहा कि जहां किसानों की जमीनें गई हैं, वहां किसान को भरपूर मुआवजा दीजिए. किसान को भरपूर सुविधाएं दीजिए. धर्मेंद्र यादव ने यह भी कहा कि सपा हमेशा बड़े राज्य के पक्ष और छोटे-छोटे राज्य बनाने के विरोध में रही है.
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उन्होंने मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि वे कहते थे कि राज्य जब बड़ा होगा, संसाधन भी उतने ही ज्यादा होंगे. राज्य जितना छोटा होगा, उसे कटोरा लेकर केंद्र के सामने खड़ा रहना पड़ेगा. धर्मेंद्र यादव ने छोटे-छोटे राज्यों के नाम भी गिनाए और उनकी आर्थिक हालत की चर्चा की. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का विकास कैसे हुआ है, ये हमें पता है.
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