अरावली, जी राम-जी कानून... CWC मीटिंग में इन मुद्दों पर मंथन, सोनिया-थरूर शामिल

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में MGNREGA की जगह लाए गए नए VB-G RAM G कानून के खिलाफ रणनीति पर मंथन हो रहा है. पार्टी इसे जनविरोधी बताते हुए देशभर में आंदोलन, पदयात्रा और जनसभाएं करने की तैयारी में है. बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद हैं.

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इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हो रही है. (Photo- ITG) इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हो रही है. (Photo- ITG)

मौसमी सिंह / राहुल गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 27 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

दिल्ली में आज कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक हो रही है, जिसमें ग्रामीण रोजगार से जुड़े नए कानून विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है. यह नया कानून पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाया गया है. इनके अलावा बैठक में अरावली मामले पर भी चर्चा होनी है.

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बैठक में कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व मौजूद है. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बैठक में शामिल हुए हैं. वरिष्ठ नेता शशि थरूर भी अन्य CWC सदस्यों के साथ बैठक में पहुंचे.

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कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि नया VB-G RAM G कानून गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ है. पार्टी का आरोप है कि इस कानून के जरिए MGNREGA की मूल भावना को कमजोर किया गया है. कांग्रेस इसे सीधे तौर पर "जनविरोधी कानून" करार दे रही है.

बैठक में चर्चा का मुख्य मुद्दा यह है कि इस कानून के खिलाफ किस तरह से व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाए. कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन, पदयात्रा, जनसभाएं और गांव-गांव तक पहुंचने वाले अभियानों की योजना बना रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाकर ग्रामीण जनता को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जागरूक किया जाएगा.

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कांग्रेस इस कानून को आगामी 2026 की शुरुआत में होने वाले कई राज्य विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाना चाहती है. पार्टी का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा जाए.

CWC बैठक में इस बात पर भी जोर दिया जा सकता है कि पार्टी एकजुट होकर इस मुद्दे पर सड़क से संसद तक संघर्ष करे. कांग्रेस नेतृत्व का साफ कहना है कि MGNREGA में बदलाव गरीबों के अधिकारों पर हमला है और इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी.

बैठक से पहले दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर दलित संगठनों से जुड़े लोग प्रदर्शन भी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर लेकर कर्नाटक में दलित समुदाय के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि पार्टी को सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए दलित नेतृत्व को मौका देना चाहिए.

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