लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं पर हुए कथित हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी को एक पत्र लिखकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की.
अपने पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि हाल में कश्मीरियों पर हुए हिंसक हमलों ने देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि नफरत की राजनीति ने हमारे इंस्टीटूशन्स को प्रभावित किया है और इससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है. सत्तारूढ़ व्यवस्था से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से समर्थित ताकतें अल्पसंख्यकों और हाशिये के समूहों के खिलाफ इस तरह के उत्पीड़न को बढ़ावा दे रही हैं.
राहुल गांधी ने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी हर प्रकार की हिंसा की कड़ी निंदा करती है और नफरत के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी. उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की और कहा कि उनके गरिमामय जीवन के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा.
यह भी पढ़ें: AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन के आयोजक नरसिम्हा यादव कौन हैं? राहुल गांधी के करीबी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई राज्यों में कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं के खिलाफ कथित उत्पीड़न और हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं. जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से इन घटनाओं की जानकारी साझा की है. उनका आरोप है कि सर्दियों के बिजनेस सीजन के दौरान कश्मीरी शॉल विक्रेताओं के खिलाफ धमकियां और हमले बढ़े हैं. इसके वीडियो सोशल मीडिया पर छाए रहे.
पिछले महीने ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले को लेकर चर्चा की थी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.
aajtak.in