पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में चुनाव से जुड़े काम के दौरान न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने का मामला गर्म है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी जा चुकी है. वहीं, चुनावी मौसम में इस घटना को लेकर सियासी पारा भी चढ़ गया है. न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने और मालदा में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब विपक्ष पर हमला बोला है.
मालदा की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भड़कीं ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बाहर से गुंडा लाते हैं. गुंडई करते हैं. जजों को भी नहीं छोड़ते. उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिनका वोट कटा है, वो दुखी हैं. इतना जानती हूं. इससे सहमत भी हूं. ममता बनर्जी ने कहा कि मैं भी चाहती हूं कि एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट में आपका नाम भी आए. बीजेपी को कोई काम नहीं है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी, तृणमूल के खिलाफ चार्जशीट दे रही है. कान पकड़ कर उठक-बैठक करो, नहीं तो जनता कराएगी. ममता बनर्जी ने कहा कि सीमा की सुरक्षा आपकी एजेंसी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जिम्मे है. और आप टीएमसी को बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल में 15 दिन रुकने के प्लान पर भी तंज किया.
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सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं. वह ये कह रहे हैं कि बंगाल में 15 दिन रुकुंगा. उन्होंने कहा कि आप ये बोलिए कि एक महीने रुकेंगे. यह जरूर याद रखिएगा कि आप जितने ज्यादा दिन बंगाल में रहेंगे, आपके वोट उतने ही कम होते जाएंगे. ममता बनर्जी ने अपने आवास पर हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी के लोगों ने कालीघाट स्थित मेरे घर पर हमला किया.
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उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में हमारे एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. हम इसका बदला बैलट बॉक्स से लेंगे. ममता बनर्जी ने कहा कि हम हिंसा में विश्वास नहीं करते. हम बदला जरूर लेंगे, लेकिन वोट से. उन्होंने मतदाताओं से यह अपील भी की है कि अपना बैंक अकाउंट, फोन नंबर किसी को भी मत दीजिए. चुनाव के दौरान कुछ नहीं होता. सभी अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है. कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं है.
अनुपम मिश्रा