'ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं', लंदन में CJI सूर्यकांत के कार्यक्रम में हंगामे को लेकर भड़का भारत

CJI सूर्यकांत के लंदन दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में 'भारत में असहमति' को लेकर पूछे गए सवाल पर विवाद खड़ा हो गया. कार्यक्रम में हुई टोकाटाकी पर भारत के उच्चायोग ने आपत्ति जताते हुए इसे अशोभनीय बताया है.

Advertisement
लंदन में सीजेआई के कार्यक्रम में हंगामे पर भारतीय उच्चायोग ने जताई सख्त आपत्ति. (File Photo) लंदन में सीजेआई के कार्यक्रम में हंगामे पर भारतीय उच्चायोग ने जताई सख्त आपत्ति. (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

लंदन की एक यूनिवर्सिटी में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के कार्यक्रम में जमकर हंगामा हुआ. यहां एक लेक्चर के दौरान कुछ लोगों ने भारत में 'असहमति की आवाज दबाने' और  उनके पुराने बयानों पर तीखे सवाल पूछने शुरू कर दिए. इस बात को लेकर वहां बहस छिड़ गई, जिसके बाद कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की गई. लंदन में मौजूद भारतीय उच्चायोग ने दर्शकों के इस बर्ताव को पूरी तरह अमर्यादित और अशिष्ट बताया. उच्चायोग ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी सार्वजनिक मंच पर ऐसी हरकत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

Advertisement

दरअसल, CJI सूर्यकांत इन दिनों ब्रिटेन के छह दिवसीय दौरे पर हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गुरुवार को वह यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बर्कबेक कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेशनल लॉ' विषय पर भाषण दे रहे थे. उनका भाषण खत्म होने के बाद जब सवाल-जवाब का दौर शुरू हुआ, तब माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. कार्यक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि एक व्यक्ति ने भारत के लोकतांत्रिक माहौल और 'असहमति' को लेकर सवाल उठाने की कोशिश की. इसी दौरान CJI की हालिया कॉकरोच टिप्पणी का भी जिक्र किया गया. हालांकि, कार्यक्रम के मॉडरेटर ने सवाल को मुख्य विषय से अलग बताते हुए बीच में रोक दिया. इसके बाद कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया.

Advertisement

भारतीय उच्चायोग ने क्या कहा?

घटना के बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कड़ी आपत्ति जताई. उच्चायोग ने अपने बयान में कहा कि दर्शकों का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. सार्वजनिक मंचों पर बातचीत हमेशा सम्मानजनक दायरे में ही होनी चाहिए. बयान में कहा गया कि लोकतांत्रिक समाज में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उन्हें सभ्य और सम्मानजनक तरीके से सामने रखा जाना चाहिए. उच्चायोग ने इस तरह के व्यवहार को अस्वीकार्य बताया.

भाषण में CJI ने क्या कहा?

इस विवाद से पहले CJI सूर्यकांत ने तकनीक और न्याय व्यवस्था के तालमेल पर अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी अपने आप में अच्छी या बुरी नहीं होती, बल्कि इसका परिणाम इस बात पर तय होता है कि समाज इसका इस्तेमाल कैसे करता है. कानून का काम नई तकनीक का रास्ता रोकना नहीं है, बल्कि यह देखना है कि तकनीकी ताकत हमेशा संवैधानिक मूल्यों और मानवीय गरिमा के प्रति जवाबदेह बनी रहे. इस घटना के बाद भी CJI ब्रिटेन में अपने तय कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, जहां शुक्रवार को उन्होंने भारत-ब्रिटेन आर्थिक साझेदारी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को भी संबोधित किया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »