सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी ने नई बहस छेड़ दी है. सीनियर एडवोकेट का दर्जा मांगने वाले एक वकील की सुनवाई के दौरान उन्होंने बेरोजगार युवाओं, सोशल मीडिया और आरटीआई एक्टिविस्ट्स को लेकर तीखी बातें कहीं. अदालत की इस टिप्पणी पर कानूनी और सामाजिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. सुनवाई के दौरान वकील के पेशेवर आचरण और सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की गई भाषा पर भी अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई