देश में सेंसस यानी जनगणना प्रक्रिया को लेकर सेंसस कमिश्नर आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. देश में जनगणना की प्रक्रिया कैसे पूरी की जाएगी, इसका खाका सेंसस कमिश्नर पेश करेंगे. दोपहर 12 बजे कॉन्फ्रेंस की.
भारत की जनगणना प्रक्रिया यानी सेंसस में प्रमुख बात यह होगी कि पूरी तरह से यह प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. एक तय समय सीमा के भीतर भारत के लोगों को जनगणना से संबंधित अपने विवरण देने होंगे.
2027 की जनगणना में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. अगर कोई कपल लिव-इन रिलेशनशिप में एक स्थिर रिश्ते के रूप में साथ रह रहा है, तो उसे शादीशुदा जोड़े के रूप में माना जाएगा. इस मुद्दे पर पहली बार इस तरह का साफ संकेत सामने आया है.
जनगणना के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर दिए गए FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवालों) के जवाब में, यह पूछे जाने पर कि क्या लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को सेल्फ-एन्यूमरेशन के दौरान या जनगणना करने वाले के घर आने पर शादीशुदा जोड़ा माना जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक, “अगर वे (कपल) अपने रिश्ते को एक स्थिर रिश्ता मानते हैं, तो उन्हें शादीशुदा जोड़ा ही माना जाना चाहिए.” इस मुद्दे पर पहली बार सार्वजनिक तौर पर स्पष्टीकरण दिया गया है.
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ऑनलाइन सिस्टम के आधार पर इस बार भारत में हो रही जनगणना प्रक्रिया में लोग खुद ही अपनी जनगणना करेंगे. किसी घर में रहने वाले शादीशुदा जोड़ों की संख्या जनगणना के ‘हाउसलिस्टिंग’ (घरों की सूची बनाने) वाले चरण के 33 सवालों में से एक है. यह चरण 45 दिनों तक चलेगा.
जनगणना का हाउस-लिस्टिंग चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच होगा, जिसकी तारीख हर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा अलग से अधिसूचित की जाएंगी. राज्य सरकार की मशीनरी इस जनगणना के प्रक्रिया को संपन्न करवाएगी. गृहमंत्री की अगुवाई में ये जनगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिनके मंत्रालय से राज्य के चीफ सेकेट्री को निर्देश देंगे.
जितेंद्र बहादुर सिंह