BSF जवान ने गलती से लांघा बॉर्डर... पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में लिया, वापसी के लिए फ्लैग मीटिंग जारी

सेना के सूत्रों ने आजतक को बताया कि जवान की पहचान 182वीं बीएसएफ बटालियन के कांस्टेबल पीके सिंह के रूप में हुई, जो भारत-पाक सीमा के पास खेत के पास ड्यूटी पर थे. नियमित आवाजाही के दौरान पीके सिंह अनजाने में भारतीय सीमा की बाड़ को पार कर पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए, जहां उन्हें फिरोजपुर सीमा के पार पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया.

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BSF का जवान गलती से पाकिस्तानी सीमा में घुस गया BSF का जवान गलती से पाकिस्तानी सीमा में घुस गया

जितेंद्र बहादुर सिंह / कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

पंजाब के फिरोज़पुर सेक्टर में एक BSF जवान गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे हिरासत में ले लिया है. सूत्रों के मुताबिक, यह घटना बुधवार दोपहर की है.

सेना के सूत्रों ने आजतक को बताया कि जवान की पहचान 182वीं बीएसएफ बटालियन के कांस्टेबल पीके सिंह के रूप में हुई, जो भारत-पाक सीमा के पास खेत के पास ड्यूटी पर थे. नियमित आवाजाही के दौरान पीके सिंह अनजाने में भारतीय सीमा की बाड़ को पार कर पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए, जहां उन्हें फिरोजपुर सीमा के पार पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया. पीके सिंह वर्दी में थे और उनके पास उनकी सर्विस राइफल थी.

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खुफिया सूत्रों के अनुसार श्रीनगर से BSF की बटालियन ममदोट में शिफ्ट हुई है. बुधवार सुबह किसान कंबाइन लेकर फेंसिंग पर लगे गेट के रास्ते गेहूं काटने गए. किसानों की निगरानी के लिए दो बीएसएफ जवान (जिन्हें किसान गार्ड कहते हैं) वह उनके साथ गए. गर्मी के चलते एक बीएसएफ जवान पेड़ की छाए के नीचे जाकर बैठ गया. पेड़ जीरो लाइन पार पाकिस्तान की सीमा में लगा था. इस बात की जानकारी जवान को नहीं थी. पाकिस्तानी किसान ने देख लिया कि बीएसएफ जवान पाकिस्तानी सीमा के अंदर बैठा हुआ है. उक्त किसान ने इसकी जानकारी पाक रेंजर्स को दी. छिपकर आए पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ जवान को हिरासत में लिया और उसकी राइफल भी छीन ली. जवान को हिरासत में लिए जाने के बाद भारतीय सेना और पाकिस्तान रेंजर्स मामले को सुलझाने और सैनिक की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए फ्लैग मीटिंग शुरू की.

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सूत्रों ने बताया कि बातचीत अभी चल रही है, लेकिन जवान को अभी तक वापस नहीं सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि जवान की सुरक्षित और जल्द वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी हैं. सैनिकों या नागरिकों द्वारा इस तरह की अनजाने में सीमा पार करना असामान्य नहीं है और आमतौर पर स्थापित सैन्य प्रोटोकॉल के माध्यम से इसका समाधान किया जाता है. 

हिरासत में लिए गए लोगों को आमतौर पर प्रक्रियात्मक फ्लैग मीटिंग के बाद वापस भेज दिया जाता है. हालांकि, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया है, जिससे सीमा पार की एक सामान्य घटना जटिल हो गई है. 

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