असम के डिब्रूगढ़ जिले के मनोहारी टी एस्टेट में काम करने वाली 25 महिला मजदूरों और 5 पुरुषों के एक दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अयोध्या और वाराणसी का भ्रमण पूरा कर लिया है. ये सभी कामगार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचकर असम वापस लौट रहे हैं. ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर पहुंचे इस समूह के सदस्यों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वो राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन कर पाएंगे.
दरअसल, एक अप्रैल 2026 को असम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने इन मजदूरों से मुलाकात की थी. पीएम ने उनसे उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर के हाल-चाल के बारे में पूछा था. साथ ही पीएम ने उन लोगों से बाहर घूमने के बारे में पूछा था. इस पर मजदूरों ने जवाब दिया कि वो कभी असम से बाहर नहीं जा पाए. तब प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वो प्रयास करेंगे कि इन मजदूरों को धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाए.
पीएम की इसी पहल के तहत एक ट्रस्ट के माध्यम से चाय बागान के 25 महिलाओं और 5 पुरुषों के दल को अयोध्या और काशी भेजा गया. ये सभी सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से असम के लिए रवाना हुए. इस दौरान मजदूरों ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अपनी खुशी जाहिर की.
3-4 प्रमुख मंदिरों के किए दर्शन
मजदूरों के दल ने बताया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वो कभी अयोध्या और बनारस देख पाएंगे. दल के सदस्य मासूम नायक के अनुसार, उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर सहित तीन-चार प्रमुख मंदिरों के दर्शन किए. इसके बाद वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ धाम में शीश नवाया. धार्मिक स्थलों के अलावा इस ग्रुप ने वाराणसी में स्कूल भवन और गौशाला का भी भ्रमण किया. महिलाओं ने कहा कि मोदी जी ने हमारा वह सपना पूरा किया है, जिसे हम नामुमकिन मानते थे.
खातिरदारी से गदगद हुए कामगार
अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचे कामगार काफी खुश दिखाई दिए. उन्होंने वाराणसी और अयोध्या के लोगों की खातिरदारी की जमकर प्रशंसा की.
एक महिला मजदूर ने भावुक होकर बताया कि मोदी जी ने न केवल हमसे वादा किया, बल्कि उसे निभाया भी. उन्होंने हमें निमंत्रण दिया और हमारे मालिक के साथ मिलकर टिकट की व्यवस्था कराई. अब हम अपने घर वापस जा रहे हैं, लेकिन हमारे पास जीवनभर की यादें हैं.
पीएम का धन्यवाद
दल में शामिल 25 महिलाओं ने एक सुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि पीएम ने एक अभिभावक की तरह हमारा ख्याल रखा और हमें इन पवित्र स्थलों के दर्शन कराए. वाराणसी में दर्शन के बाद यह दल पूरी तरह संतुष्ट नजर आया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने से पहले उन्होंने स्थानीय लोगों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी यात्रा को सुगम बनाया. ये यात्रा असम के इन कामगारों के लिए केवल एक पर्यटन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बन गई है.
उदय गुप्ता