रिसॉर्ट में पकड़ा गया हिट एंड रन केस में फरार डॉक्टर, हादसे में ब्रेन डेड हो गई पीड़िता

केरल के कोच्चि के पास हुए हिट-एंड-रन मामले में फरार चल रहे एक डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस हादसे में 19 वर्षीय युवती की मौत हो गई थी. पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी इडुक्की जिले के एक रिसॉर्ट में छिपा हुआ है. वहीं से उसे पकड़ लिया गया. इससे पहले पुलिस ने आरोपी को फरार होने में मदद करने के आरोप में उसके पिता को भी गिरफ्तार किया था.  

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रिसॉर्ट में पकड़ा गया हिट एंड रन केस में फरार डॉक्टर (Photo: representational image) रिसॉर्ट में पकड़ा गया हिट एंड रन केस में फरार डॉक्टर (Photo: representational image)

aajtak.in

  • कोच्चि,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

केरल के कोच्चि के पास हुए हिट-एंड-रन मामले में फरार चल रहे एक डॉक्टर को पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया. इस हादसे में 19 वर्षीय एक युवती की मौत हो गई थी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी डॉक्टर पिछले कई दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिप रहा था.

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान डॉ. सायरिएक जॉर्ज के रूप में हुई है. उसे इडुक्की जिले के वागामोन के पास कन्ननकुलम इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट से पकड़ा गया. स्थानीय पुलिस को उसके वहां छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी रिसॉर्ट पहुंचे. पुलिस को देखकर आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया. बाद में उसे अंगमाली पुलिस की टीम को सौंप दिया गया.

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इस मामले में पुलिस ने इससे पहले आरोपी के पिता जॉर्ज मैथ्यू को भी गिरफ्तार किया था. पुलिस का आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को हादसे के बाद फरार होने में मदद की. पुलिस के अनुसार दुर्घटना के बाद मैथ्यू ने आरोपी से मुलाकात की और उसे छिपने में सहायता की. जिस कार से हादसा हुआ था, वह भी जॉर्ज मैथ्यू के नाम पर ही पंजीकृत बताई जा रही है.

पुलिस के मुताबिक यह हादसा 28 फरवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ था. पीड़िता 19 साल की जस्लिया जॉनसन , अंगमाली इलाके में अपने हॉस्टल की ओर पैदल लौट रही थी, तभी तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी. टक्कर लगने के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया.

गंभीर रूप से घायल जस्लिया को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. 3 मार्च को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इसके बाद उसके माता-पिता ने मानवता का परिचय देते हुए उसके अंगदान की अनुमति दे दी. बताया गया कि उसके लिवर, किडनी और कॉर्निया दान किए गए.

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आरोपी डॉक्टर एर्नाकुलम के एक निजी अस्पताल में हाउस सर्जन के रूप में कार्यरत था. घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में कई जगह छापेमारी कर रही थी. जांच टीम ने एर्नाकुलम, कोट्टायम और इडुक्की जिलों में भी तलाश अभियान चलाया था. आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोट्टायम जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दी थी. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है. 

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