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जानिए- क्या करती हैं CDS जनरल बिपिन रावत की दो बेटियां, देखें फैमिली फोटो

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 9:39 PM IST
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तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का निधन हो गया. सीडीएस स्टाफ समेत 14 लोगों को ले जाता सेना का हेलिकॉप्टर आज दोपहर में क्रैश हुआ था. CDS जनरल बिपिन रावत ने अपनी जांबाजी, वीरता, अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल, दूरदर्शी फैसलों से भारतीय सेना को नई ताकत दी थी. देश अब नम आंखों से कह रहा है- अलविदा जांबाज जनरल 

(फाइल फोटो- पत्नी मधुलिका के साथ CDS जनरल बिपिन रावत)

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वैसे तो पूरा देश गमगीन है, लेकिन CDS जनरल बिपिन रावत की दोनों बेटियों के कंधे पर एक बड़ा भार आ गया है. एक तरफ पिता को कंधा देना है तो दूसरी ओर से मां को.. सीडीएस जनरल बिपिन रावत और मधुलिका रावत की दो बेटियां हैं- कीर्तिका और तारिणी की बेटी. कीर्तिका की बड़ी बेटी हैं और उनकी शादी हो चुकी है, वो मुंबई में रहती हैं. तारिणी छोटी बेटी है और वह दिल्ली में रहती हैं और दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं.

(फाइल फोटो- दोनों बेटियों के साथ मधुलिका रावत और CDS जनरल बिपिन रावत)

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बुधवार देर शाम वायुसेना ने बताया कि नहीं रहे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत. हेलिकॉप्टर क्रैश में बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों का निधन हो गया. आइए जानते हैं कि कब CDS जनरल बिपिन रावत दिल्ली से रवाना हुए और उनका पूरा कार्यक्रम क्या था- 

- सुबह 8 बजकर 47 मिनट पर दिल्ली से वायुसेना के स्पेशल एयरक्राफ्ट से भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, अपनी पत्नी समेत 14 लोगों के साथ रवाना होते हैं. 

- सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर तमिलनाडु के सुलुर पहुंचते हैं. 

- सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर वायुसेना के हेलीकॉप्टर एम आई-17 वी फाइव से स्टाफ कॉलेज में लेक्चर देने के लिए आगे बढ़ते हैं.

- दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर खबर आती है कि जनरल बिपिन रावत समेत 14 लोगों को ले जा रहा सेना का ये सबसे खास हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है.
 

(फाइल फोटो- उत्तराखंड में अपने गांव में पत्नी मधुलिका के साथ सीडीएस जनरल बिपिन रावत)

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और खो दिया देश ने अपना वो राष्ट्र सेनानी जिसने आतंकी भेजने वाले पाकिस्तान को उसकी हर हरकत की दुर्गति हासिल करने को तैयार रहने को कहा. अस्त हो गया वो सूर्य हादसों के बादलों के बीच जो सिर्फ सरहद के जवानों में ही नहीं बल्कि देश के हर मोर्चे पर नौजवानों में राष्ट्रप्रेम का जुनून पैदा करते रहे .

(फाइल फोटो- पत्नी मधुलिका के साथ CDS जनरल बिपिन रावत)

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देश, देशवासियों की रक्षा के लिए ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्र और आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशनों के विशेषज्ञ वो जनरल बिपिन रावत ही थे, जिन्होंने 21वीं सदी में सीमा पार जाकर दुश्मन को उनके नापाक हरकत का अंजाम सिखाना शुरु किया.  आतंक विरोधी अभियान में दो कदम आगे बढ़कर फैसले लेने वाले ये जनरल बिपिन रावत ही थे, जिन्होंने पूर्वोत्तर में पहले बड़े ऑपरेशन अंजाम दिए.

(फाइल फोटो- एक कार्यक्रम के दौरान CDS जनरल बिपिन रावत)

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बात जून 2015 की है. मणिपुर में आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद 21 पैरा कमांडो के जवानों ने सीमापार जाकर म्यांमार में आतंकी संगठन के दहशतगद्रों को ढेर किया था. सीमा पार म्यांमार में ऑपरेशन करने वाली 21 पैरा कमांडो तब थर्ड कॉर्प्स के अधीन थी, जिसके कमांडर थे बिपिन रावत. जिन्होंने 2016 में पाकिस्तान की तरफ से जवानों पर हुए बड़े हमले के बाद कीमत चुकाने को तैयार रहने की चुनौती दी.

फिर चुनौती देने के बाद वो वक्त आया जब भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को आतंक का जवाब दिया. जनरल बिपिन रावत के उप सेना प्रमुख बनने के एक महीने के अंदर ही सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था. भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की. कई आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया था. 

(फाइल फोटो- बेटियों के साथ मधुलिका रावत)

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मैन ऑफ सर्जिकल स्ट्राइक को देश ने खोया है. आतंकवाद ने जब भी पाकिस्तान की तरफ से मुंह उठाने की कोशिश की, तब सैन्य अधिकारी रहते, उप सेना प्रमुख रहते, सेना प्रमुख रहते और फिर देश के सबसे शक्तिशाली सैन्य कमांडर बनने तक हमेशा जनरल बिपिन रावत आतंकवाद को खत्म करने के लिए दो कदम आगे रहने की बात करते रहे

परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल जैसे तमाम वीरता के पदकों को अपने सीने पर लगाकर चलने वाले जनरल बिपिन रावत को इसलिए भी देश हमेशा याद रखेगा, क्योंकि उन्होंने कश्मीर में आतंकियों को ऑलआउट करने का अभियान चलाया.

(फोटो- परिवार के साथ मधुलिका रावत)

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1995 में लेफ्टिनेंट जनरल रहते हुए भी बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर दीमापुर में क्रैश हुआ था. उस हादसे में बिपिन रावत जख्मी हुए थे. कुछ चोट लगी थी. 26 वर्ष बाद बाद तमिलनाडु के कन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में देश के पहले सीडीएस का निधन हो गया.

(फाइल फोटो- परिवार के साथ मधुलिका रावत)

फोटो- रविंद्र शुक्ला/मंजीत नेगी

रिपोर्ट- आजतक ब्यूरो

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