राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई, NEET विवाद और विपक्षी राजनीति समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर जो अपील की है, उसे सभी को गंभीरता से लेना चाहिए.
शरद पवार ने कहा कि खुद प्रधानमंत्री यह कह रहे हैं कि अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है, इसलिए पूरे देश को इस पर जिम्मेदारी से काम करना चाहिए.
शरद पवार ने कहा कि गुरुवार सुबह से वह देख रहे हैं कि लोग मोटरसाइकिल और पैदल ऑफिस जा रहे हैं. उन्होंने एक मंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले उनके पास 17 गाड़ियां थीं, जिन्हें घटाकर 8 कर दिया गया. पवार ने कहा कि खर्च कम करने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं.
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राहुल गांधी पर दिए गए बयान को भी अनुचित बताया. पवार ने कहा कि राहुल गांधी देश के विपक्ष के नेता हैं और उनके संवैधानिक पद का सम्मान किया जाना चाहिए.
रुपये की गिरती कीमत पर शरद पवार ने कहा कि इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद कई फैसले लिए गए और अब हालात की गंभीरता समझ में आ रही है.
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महंगाई और तेल की बढ़ती कीमतों पर पवार ने कहा कि युद्ध की वजह से चिंता का माहौल बना है और तेल के दाम बढ़े हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पूरा दोष सरकार पर डालना सही नहीं होगा.
NEET पेपर लीक विवाद पर शरद पवार ने कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सावधानी नहीं बरती गई. उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य इससे जुड़ा हुआ है और यह दिखाता है कि व्यवस्था कितनी खराब हो चुकी है.
INDIA गठबंधन पर पवार ने कहा कि सभी दल अब भी साथ हैं. हालांकि उन्होंने माना कि तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा नए दल को समर्थन देने के बाद गठबंधन के भीतर नाराजगी पैदा हुई है.
सुनील तटकरे से मुलाकात को लेकर पवार ने बताया कि वह पिछले एक महीने से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन बीमारी की वजह से मुलाकात नहीं हो पा रही थी. बाद में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई.
ओमकार