राज्यसभा चुनाव: मातोश्री में मंथन, क्या शरद पवार बनेंगे महाविकास अघाड़ी के साझा उम्मीदवार?

महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच सीट बंटवारे पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए एनसीपी (एसपी) नेताओं ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है. गठबंधन अब शरद पवार के नाम पर दांव खेलने की तैयारी में दिख रहा है.

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शरद पवार का राज्यसभा का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है. (File Photo: ITG) शरद पवार का राज्यसभा का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:12 AM IST

महाराष्ट्र में आगामी राज्यसभा चुनावों (16 मार्च) के लिए महा विकास अघाड़ी (मविआ) में अब तक सहमति नहीं बन पाई है, लेकिन अब गतिरोध तोड़ने की कोशिश तेज हो गई है. इसी क्रम में एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और वरिष्ठ नेता जयंत पाटील मंगलवार को उद्धव ठाकरे से मिलने मातोश्री पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख से मुलाकात की और गठबंधन की एकमात्र सुरक्षित सीट पर चर्चा की.

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सुप्रिया सुले और जयंत पाटील ने कांग्रेस से समर्थन मांगने के बाद उद्धव ठाकरे के सामने शरद पवार को गठबंधन का साझा उम्मीदवार बनाने का रणनीतिक प्रस्ताव रखा है. इस बैठक का मुख्य लक्ष्य गठबंधन की एकजुटता दिखाना और विपक्ष की ताकत को राज्यसभा में मजबूत करना है.

दरअसल, महाविकास अघाड़ी के अंदर राज्यसभा की इस एक सीट को लेकर लंबे वक्त से खींचतान चल रही थी. हालांकि, सुप्रिया सुले और जयंत पाटील की इस सक्रियता के बाद अब शरद पवार के नाम पर आम सहमति बनने की प्रबल संभावना दिख रही है.

एनसीपी (एसपी) के नेता चाहते हैं कि शरद पवार गठबंधन के चेहरे के रूप में निर्विरोध आगे आएं. मातोश्री में हुई इस चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि शरद पवार का कद और अनुभव गठबंधन को नई दिशा दे सकता है.

शरद पवार की उम्मीदवारी को मजबूत करने के लिए एनसीपी नेताओं ने पहले ही कांग्रेस का समर्थन हासिल करने की कोशिश की है. इसी सिलसिले में सुप्रिया सुले और जयंत पाटील ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर उन्हें भरोसे में लेने का प्रयास किया.

सूत्रों के मुताबिक, एमवीए के तीनों प्रमुख दल अब शरद पवार के नाम पर मुहर लगाने के काफी करीब हैं. यदि ये गठबंधन सफल रहता है तो राज्यसभा चुनाव में एमवीए की राह काफी आसान हो सकती है और ये गठबंधन की एकता का बड़ा संदेश होगा.

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