महिलाओं की तस्वीरों के AI दुरुपयोग पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, केंद्र से की AI टूल्स पर नियंत्रण की मांग

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने AI ऐप्स के बढ़ते दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने आईटी मंत्री से आग्रह किया कि महिलाओं की तस्वीरों को अनधिकृत रूप से अश्लील बनाने वाले टूल्स पर सख्त सुरक्षा मानक लगाए जाएं.

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शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी. (Photo: X/@ShivSenaUBT) शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी. (Photo: X/@ShivSenaUBT)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:07 PM IST

शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर महिलाओं की गरिमा से जुड़े एक बेहद गंभीर मुद्दे पर केंद्र सरकार से तत्काल ध्यान देने और हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐप्स के बढ़ते दुरुपयोग पर सख्त कदम उठाए जाएं. 

हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां AI ऐप्स को महिलाओं की तस्वीरों को अनधिकृत तरीके से इस्तेमाल कर उन्हें अश्लील रूप से प्रस्तुत करने जैसे आपत्तिजनक निर्देश (प्रॉम्प्ट) दिए जा रहे हैं. प्रियंका चतुर्वेदी ने आईटी मंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा कि यह न सिर्फ महिलाओं की निजता का घोर उल्लंघन है, बल्कि उनकी गरिमा और सुरक्षा पर भी सीधा हमला है. 

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उन्होंने स्पष्ट किया कि Grok जैसे फीचर्स और अन्य AI प्लेटफॉर्म्स पर कड़े सुरक्षा मानक लगाए जाने चाहिए, ताकि तकनीक का इस्तेमाल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए न हो सके. उन्होंने कहा कि बड़ी टेक कंपनियों को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटना चाहिए और ऐसे टूल्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी उपाय अपनाने चाहिए.

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सांसद ने यह भी कहा कि तकनीकी समाधान के साथ-साथ सामाजिक सुधार भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि काश, इस तरह के व्यवहार में लिप्त पुरुषों को उनके घरों और स्कूलों में बेहतर संस्कार और शिक्षा दी गई होती, ताकि वे बड़े होकर इस तरह की विकृत मानसिकता के शिकार न बनते. उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान, सहमति और संवेदनशीलता की शिक्षा बचपन से ही दी जानी चाहिए.

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प्रियंका चतुर्वेदी ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस समस्या पर कार्रवाई नहीं की गई, तो AI तकनीक महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न का एक नया और खतरनाक माध्यम बन सकती है. उन्होंने सरकार, टेक कंपनियों और समाज—तीनों से मिलकर इस चुनौती से निपटने की अपील की.

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