मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग हुई. ये फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गुर्गों ने की है. फायरिंग की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली गई है. पोस्ट में लिखा है कि अगर हमारी बात समझ नहीं आई तो अबकी बार बेडरूम में छाती पर गोली चलेगी. ये पूरे बॉलीवुड को चेतावनी है.
सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है... 'राम राम जय बजरंग बली सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर जो ये फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरी बॉक्सर और हरमन संधू लेते हैं. हमने इसको बहुत बार मैसेज किया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया. इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है. इसको अगर आगे फिर हमारी बात नहीं समझ आई तो अब घर के बाहर नहीं इसके बेडरूम में गोली चलेगी. इसकी छाती पर और आगे पूरे बॉलीवुड को चेतावनी है.'
रोहित शेट्टी ने सभी प्लान कैंसिल किए
हमले के बाद रोहित शेट्टी ने अगले दो दिनों के लिए अपने सभी प्लान कैंसिल कर दिए हैं. उन्होंने अपने करीबी दोस्तों जैसे अजय देवगन से भी कहा है कि कम से कम अगले 48 घंटों तक उनसे मिलने न आएं.
सूत्र ने आगे बताया, 'रोहित फिलहाल मुंबई पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं और अपना बयान दर्ज करवा रहे हैं. वह जांच में पूरी तरह शामिल हैं. हालांकि उनके घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, फिर भी उन्होंने इंडस्ट्री के अपने सभी दोस्तों से घर न आने को कहा है. वह अपने सभी परेशान दोस्तों और सहकर्मियों से सिर्फ कॉल और मैसेज के ज़रिए बात कर रहे हैं.'
सलमान खान, कपिल शर्मा को भी बनाया गया है निशाना
बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सितारों के घरों के बाहर फायरिंग की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं. रोहित शेट्टी के घर पर हाल ही में हुई फायरिंग इससे एक उदाहरण है, लेकिन इससे पहले भी कई बड़े नामों को निशाना बनाया जा चुका है. सलमान खान के घर के बाहर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हमला करके डर फैलाया था.
कनाडा में कपिल शर्मा के शो 'कैप्स कैफे' पर भी 2-3 बार फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं, जिनकी जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली थी. इसी तरह, एक्ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर के बाहर कई राउंड फायरिंग हुई थी, जिसे वीरेंद्र चारण गैंगस्टर ने अपने सिर लिया. इसके अलावा, पिछले साल यूट्यूबर एल्विश यादव के घर भी कुछ अपराधियों ने फायरिंग कर उन्हें डराने की कोशिश की थी.
अरविंद ओझा