सीएम उद्धव से मिलने मातोश्री पहुंचे पवार, जानिए क्यों है शिवसेना-एनसीपी में तकरार

NCP और शिवसेना के बीच मुंबई में IPS अधिकारियों के तबादले को लेकर तकरार है. मुंबई में आला पुलिस अधिकारियों के तबादलों के सारे फैसले गृह मंत्री अनिल देशमुख ले रहे हैं. शिवसेना चाहती है कि किसी भी तरह के तबादले की जानकारी उनके पास होनी चाहिए.

Advertisement
 एक सप्ताह में दूसरी बार मिले दोनों नेता (फाइल फोटो) एक सप्ताह में दूसरी बार मिले दोनों नेता (फाइल फोटो)

कमलेश सुतार

  • मुंबई,
  • 06 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 9:09 PM IST

  • एक सप्ताह में दूसरी बार दोनों नेताओं की मुलाकात
  • 2 जुलाई को जारी किए गए ट्रांसफर ऑर्डर के बाद से विवाद
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री पहुंचे हैं. पिछले एक सप्ताह में यह दूसरा मौका है जब दोनों नेताओं ने मुलाकात की है. जानकारी मिली है कि NCP और शिवसेना के बीच मुंबई में IPS अधिकारियों के तबादले को लेकर कोई तकरार है. जाहिर है गृह मंत्रालय NCP के पास है. ऐसे में मुंबई में आला पुलिस अधिकारियों के तबादलों के सारे फैसले गृह मंत्री अनिल देशमुख ले रहे हैं. शिवसेना चाहती है कि किसी भी तरह के तबादले की जानकारी उनके पास होनी चाहिए.

महाराष्ट्र में 2 जुलाई को जारी किए गए ट्रांसफर ऑर्डर में डीसीपी को जोन और क्राइम ब्रांच तथा उनमें से कुछ को नॉन एग्जिक्यूटिव ब्रांचों से एग्जिक्यूटिव ब्रांचों में ट्रांसफर कर दिया गया था. हालांकि बाद में मुंबई पुलिस कमिश्नर ऑफिस ने ट्रांसफर ऑर्डर को पलटने का आदेश जारी कर दिया.

Advertisement

सीएम ऑफिस को नहीं थी जानकारी

सूत्रों के अनुसार, गृह विभाग की ओर से ट्रांसफर ऑर्डर को मंजूरी दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएम ऑफिस) को लूप में नहीं लिया गया. इस घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने यहां तक ​​कहा कि ट्रांसफर के बारे में सीएम ऑफिस को कोई जानकारी नहीं थी और इसे गृह विभाग ने मंजूरी दी थी.

हालांकि इस आदेश से राज्य में सत्तारुढ़ सहयोगी दलों के बीच विवाद बढ़ गया और रविवार दोपहर तक सीएम ऑफिस के निर्देश के बाद, ट्रांसफर ऑर्डर को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया. स्थानांतरित किए जाने वाले इन अधिकारियों को अपनी पूर्व पोस्टिंग पर वापस जाने के लिए कहा गया है.

राज्य में शिवसेना की ओर से एक वरिष्ठ मंत्री का कहना है कि इस ट्रांसफर ऑर्डर को मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) के ध्यान में लाया गया जिसके बाद इस ऑर्डर को रद्द कर दिया गया.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »