दाम घटाते जाने पर भी नहीं बिक रहा माल्या का 'किंगफिशर हाउस', चौथी नीलामी भी फेल

देश से भाग कर लंदन में रह रहे विजय माल्या की संपत्तियों को नीलामी में खरीदने के लिए कोई खरीददार सामने नहीं आ रहे हैं. ये फ्लैगशिप प्रॉपर्टी गोवा और मुंबई में हैं. एक बार फिर ऑनलाइन नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई सामने नहीं आया.

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किंगफिशर हाउस किंगफिशर हाउस

खुशदीप सहगल

  • मुंबई,
  • 06 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 5:48 PM IST

देश से भाग कर लंदन में रह रहे विजय माल्या की संपत्तियों को नीलामी में खरीदने के लिए कोई खरीददार सामने नहीं आ रहे हैं. ये फ्लैगशिप प्रॉपर्टी गोवा और मुंबई में हैं. एक बार फिर ऑनलाइन नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई सामने नहीं आया. तीन बार पहले नीलामी नाकाम रहने के बाद चौथी बार माल्या के मुंबई स्थित किंगफिशर हाउस की बोली के लिए रिजर्व कीमत 103.50 करोड़ रुपए रखी गई.

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ऐसा लगता है कि कोई माल्या की प्रॉपर्टी खरीदकर दिक्कत में नहीं फंसना चाहता. बता दें कि पिछले साल मार्च में पहली बार नीलामी के लिए मुंबई स्थित 'किंगफिशर हाउस' की रिजर्व कीमत 150 करोड़ रुपये रखी गई थी. इसके बाद दूसरी नीलामी में रिजर्व कीमत घटा कर 135 करोड़ रुपए कर दी गई. तब भी कोई खरीददार नहीं मिला तो तीसरी नीलामी में रिजर्व कीमत घटाकर 115 करोड़ रुपए की गई. फिर भी कोई खरीददार सामने नहीं आया तो चौथी नीलामी के लिए रिजर्व कीमत घटाकर 105 करोड़ कर दी गई.

किसी वक्त माल्या का हेडक्वार्टर माना जाने वाला 'किंगफिशर हाउस' प्राइम प्रापर्टी है. मुंबई एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास स्थित 'किंगफिशर हाउस' में 17000 फीट में निर्माण हो रखा है.


गोवा में माल्या की प्राइम रिहाइश प्रॉपर्टी 'किंगफिशर विला' का भी कोई खरीददार नहीं मिल रहा. सोमवार को विला को तीसरी बार ऑनलाइन नीलामी के जरिए बेचने की कोशिश की गई. इसकी रिजर्व प्राइज 73 करोड़ रुपए रखी गई जो कि दिसंबर में पिछली नीलामी की रिजर्व कीमत से 10 फीसदी कम थी.

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उत्तरी गोवा के कोंडोलिन में समुद्र तट के पास स्थित किंगफिशर विला की दूसरी बोली के लिए रिजर्व कीमत 81 करोड़ और पहली बोली के लिए 85.29 करोड़ रुपए रखी गई थी.


आपको बता दें कि माल्या के ऊपर करीब 9000 करोड़ रुपए का कर्ज है. माल्या को 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस का संचालन बंद होने के बाद डिफॉल्टर घोषित किया गया था. अब माल्या को कर्ज देने वालों के कंसोर्टियम की तरफ से एसबीआई कैप्स ट्रस्टी की ओर से ऑनलाइन नीलामी के जरिए प्रॉपर्टी को बेचने की कोशिश की जा रही है.

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