महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे को एक और झटका, एकनाथ शिंदे ने बदल दिया शिवसेना के दफ्तर का पता

एकनाथ शिंदे गुट की ओर से शिवसेना के केंद्रीय कार्यालय का पता बदल दिया है. शिवसेना का नया पता अब ठाणे के आनंद आश्रम में किया गया है. ठाणे को एकनाथ शिंदे का गढ़ भी माना जाता है. शिवसेना का केंद्रीय कार्यालय मुंबई के दादर इलाके में स्थित है. शिंदे की ओर से की गई ये कार्रवाई ठाकरे परिवार के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखी जा रही है.

Advertisement
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो) उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)

पारस दामा

  • मुंबई,
  • 28 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST

महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार गिराने के बाद एकनाथ शिंदे ने अब उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका दिया है. शिंदे गुट ने शिवसेना पार्टी के केंद्रीय कार्यालय का पता बदल दिया है. शिवसेना का नया पता अब ठाणे के आनंद आश्रम में किया गया है. ठाणे को एकनाथ शिंदे का गढ़ भी माना जाता है. 

शिवसेना का केंद्रीय कार्यालय मुंबई के दादर इलाके में स्थित है. अब पार्टी के कार्यालय का पता बदलने से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी घटना है. शिंदे गुट के नेता यशवंत जाधव को मुंबई में विभाग प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है. उन्हीं की नियुक्ति पत्र पर पार्टी के केंद्रीय कार्यालय का पता पता आनंद आश्रम, श्री भवानी चौक, टेम्बी नाका, ठाणे पश्चिम लिखा हुआ है. 

Advertisement

इससे पहले शिवसेना के बागी विधायकों को लेकर एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी. वह विधायकों को लेकर पहले गुजरात और फिर असम चले गए थे. जब उन्होंने सीएम पद की शपथ ली थी, तब भी उनके विधायक रिसॉर्ट में ही मौजूद थे. इसके बाद उन्होंने शिवसेना में नई नियुक्तियां कर दी थी, जिसको लेकर विवाद और शुरू हो गया. 

शिंदे ने किया शिवसेना पर दावा

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के बाद एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर दावा किया था और इसको लेकर एक चिट्ठी भेजी गई थी. हालांकि ठाकरे गुट की ओर से पहले ही निर्वाचन आयोग को चिट्ठी भेज दी थी, जिसमें कहा गया था कि अगर कोई शिवसेना पर दावा करे तो उद्धव गुट की दलीलें भी सुनी जाएं. ठाकरे गुट की ओर से निर्वाचन आयोग को ये चिट्ठी बीते हफ्ते भेजी गई थी.

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट में चल रही है सुनवाई

वहीं शिंदे गुट की ओर से चिट्ठी में जानकारी दी गई है कि उन्होंने शिवसेना की नई कार्यकारिणी गठित कर ली है और एकनाथ शिंदे को मुख्य नेता के साथ ही अन्य नेता भी चुन लिए गए हैं. उनकी नियुक्ति भी प्रभावी हो गई है. लिहाजा पुरानी कार्यसमिति का अब कोई महत्व नहीं है. इसके बाद अब दोनों गुटों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थीं, जिन्हें शीर्ष अदालत ने क्लब कर दी थीं और अब इन पर सुनवाई चल रही है.  

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »