मुर्गियों के पिंजरे में घुसा तेंदुआ रात भर करता रहा उनका शिकार, फिर उसी में फंसा रह गया

शिकार करने के लिए मुर्गियों के पिंजरे में एक तेंदुआ घुस आया. रात भर मुर्गियों का शिकार करता रहा और फिर उसी पिंजरे में फंसा रह गया. जिसके बाद सुबह लोगों ने तेंंदुए की जानकारी वन विभाग को दी. टीम आई और तेंदुए को रेस्क्यू करके अपने साथ ले गई. अब उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा.

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मुर्गियों के पिंजरे में कैद तेंदुआ मुर्गियों के पिंजरे में कैद तेंदुआ

aajtak.in

  • भद्रावती,
  • 15 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:21 AM IST

उस समय क्या हो जब आप सोकर जागें और अपने घर की आंगन में तेंदुए को पाएं. कुछ ऐसा ही मामला बुधवार की सुबह महाराष्ट्र के चंद्रपुर में सामने आया है. जहां एक व्यक्ति के मुर्गियों के पिंजरे में तेंदुआ रात के समय घुस आया. रात पर मुर्गियों का स्वाद चखता रहा लेकिन पिंजरे से बाहर नहीं निकल सका. सुबह जब लोगों नें तेंदुए को पिंजरे में देखा तो उनके होश उड़ गए. बाद में वन विभाग की टीम तेंदुए का रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई. 

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घटना महाराष्ट्र के चंद्रपुर के भद्रावती शहर की है. शहर के रामटेके कॉलोनी में रहने वाले निरंजन चक्रवर्ती के घर में मुर्गियों का पिंजरा रखा था. रोज रात को सभी मुर्गियों को पिंजरे में बंद करने के वो सोने चल गए. लेकिन मंगलवार-बुधवार की दरमियानी एक तेंदुआ मुर्गियों के पिंजरे में घुस गया और रात भर मुर्गियों की दावत उड़ाता रहा. लेकिन जब उसने पिंजरे से बाहर निकलने की कोशिश की तो वो सफल नहीं हो सका. रात भर पिंजरे में ही बैठा रहा. 

बुधवार की सुबह करीब पांच बजे मुर्गियों के फड़फड़ाने की लगातार आवाजें आईं तो निरंजन चक्रवर्ती की नींद खुली. उसने पिंजरा चेक किया तो तेंदुए को बैठे देख उसके होश ही उड़ गए. इसके बाद निरंजन चक्रवर्ती ने तेंदुए के पिंजरे में होने की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी. 

रेस्क्यू करने में लगे छह घंटे

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रेस्क्यू करने पहुंची टीम के मुखिया बंडू धोत्रे ने बताया कि, तेंदुए को पहले बेहोश कर पकड़ने का प्लान बनाया गया था. लेकिन तेंदुए की स्थिति को देखते हुए मुर्गियों के पिंजरे के आगे दूसरा पिंजरा लगाकर पकड़ने का प्लान बनाया गया. पिंजरे के चारों ओर जाल बिछाया गया और प्लाय वुड की प्लेट की मदद से मुर्गी के पिंजरे का दरवाजा खोला गया.

इसके बाद दूसरे पिंजरे को चिपका कर प्लाय वुड की प्लेट हटाई गई. काफी इंतजार के बाद तेंदुआ दूसरा पिंजरे में आया. तब कहीं जाकर उसे रेस्क्यू किया गया. इस पूरे काम में छह घंटे से ज्यादा का वक्त लगा. वन अधिकारी प्रशांत खाड़े ने कहा है कि रेस्क्यू किए गए तेंदुए की प्राथमिक जांच करने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा.

 

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