महाराष्ट्र में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 1 मार्च से 12 अप्रैल तक पूरे महाराष्ट्र में 15 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं. अच्छी बात यह है कि अब तक किसी की मौत नहीं हुई है. रत्नागिरी जिले में सबसे ज्यादा 6 मामले दर्ज किए गए जबकि पालघर में 2 मामले सामने आए हैं. वहीं, पुणे, रायगढ़, नासिक, नंदुरबार, जलगांव, जलना और गढ़चिरोली में भी हीटस्ट्रोक का एक-एक मामला सामने आया है.
पुणे में गर्मी से हाल बेहाल, बढ़ी मरीजों की संख्या
पुणे शहर में गर्मी का सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है. पिछले एक महीने में 600 से ज्यादा लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे. पुणे महानगरपालिका के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ मार्च महीने में 19 नगर अस्पतालों और 135 डिस्पेंसरी में कुल 654 मरीज इलाज कराने आए. इनमें 280 लोगों को सबसे समस्या डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) की समस्या थी.
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वहीं, हीट एग्जॉर्शन (गर्मी से थकान और कमजोरी) के 202 मामले सामने आए. इसके अलावा 114 लोग हीट रैश (गर्मी से चकत्ते) की परेशानी से जूझते मिले. हीट क्रैंप (पैरों और हाथों में दर्द) के 24 मामले और हीट एडीमा (शरीर में सूजन) के 28 मामले एवं हीट सिंकोप (चक्कर आना या बेहोश होना) के 6 मामले दर्ज किए गए.
पुणे के लोहगांव, कोरेगांव पार्क, शिवाजीनगर और आसपास के कई इलाकों में दिन का तापमान लगातार 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा रहा है. गर्मी बढ़ने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सूखा मौसम, साफ आसमान और बारिश न होने के कारण यह लू का प्रकोप बढ़ गया है. हवा में नमी की कमी से गर्मी और भी तेज लग रही है.
डॉक्टरों की सलाह है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर कम निकलें. ज्यादा पानी पिएं, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और छाते या टोपी का इस्तेमाल करें. मौसम विभाग ने फिलहाल तापमान बढ़ने एवं गर्मी से राहत नहीं मिलने की उम्मीद जताई है.
ओमकार