महाराष्ट्र में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और शोषण के मामलों में अचानक आई तेजी ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. महाराष्ट्र के नासिक, अमरावती और पुणे जिलों से सामने आए कई हाई-प्रोफाइल मामलों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इन मामलों में फर्जी बाबा, कॉरपोरेट दफ्तर, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग और शैक्षणिक संस्थानों में उत्पीड़न जैसे कई पहलू सामने आए हैं.
नासिक में अशोक खरात का मामला बना केंद्र
नासिक में स्वयंभू बाबा अशोक खरात का मामला सबसे प्रमुख है. आरोप है कि वह खुद को ज्योतिषी और आध्यात्मिक गुरु बताकर महिलाओं को उनके निजी और भविष्य से जुड़े समस्याओं का समाधान देने का झांसा देता था. पुलिस को उसके पास से 40 से 50 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिनमें वह अलग-अलग महिलाओं के साथ दिखाई दे रहा है. अब तक 14 महिलाएं उसके खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज करा चुकी हैं, जबकि कई अन्य ने आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए हैं.
नासिक के टीसीएस दफ्तर में यौन उत्पीड़न के आरोप
इसी बीच नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) यूनिट में भी यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. यहां आठ महिला कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताया है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी अगुवाई सीओओ आर्थी सुब्रमण्यम कर रही हैं. आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है और पुलिस जांच जारी है.
अमरावती में 180 पीड़िताएं सामने आईं
अमरावती के परतवाड़ा-अचलपुर इलाके में एक और बड़ा मामला सामने आया, जहां 19 वर्षीय आरोपी अयान अहमद तनवीर (उर्फ मोहम्मद अय्याज तनवीर) को गिरफ्तार किया गया. उस पर आरोप है कि वह लड़कियों से दोस्ती कर प्रेमजाल में फंसाता, उनके साथ संबंध बनाकर वीडियो रिकॉर्ड करता और बाद में उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था. इस मामले में भाजपा विधायक प्रवीण तायडे ने पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई. स्थानीय नेता अनिल बोंडे ने दावा किया है कि करीब 180 लड़कियां इस गिरोह का शिकार हो सकती हैं और 350 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो सामने आए हैं. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और कई परिवार शिकायत दर्ज कराने से भी डर रहे हैं. पुलिस ने देर रात छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया.
पुणे में दो अलग-अलग घटनाओं से सनसनी
पुणे में भी दो बड़े मामलों ने लोगों को झकझोर दिया. पहले मामले में ऋषिकेश वैद्य नामक व्यक्ति ने खुद को भगवान महादेव का अवतार बताकर एक 35 वर्षीय महिला से दुष्कर्म किया. आरोप है कि 2023 में फेसबुक के जरिए संपर्क कर आरोपी ने उसे विश्वास में लिया, उसे 'पार्वती' बताया और मंजरी स्थित एक लॉज में ले जाकर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया. उसने इस घटना का वीडियो भी बनाया. नासिक के मामले के बाद पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने का साहस मिला. आरोपी को पिंपरी से गिरफ्तार किया गया.
दूसरे मामले में डॉ ए बेन्नियामिन को एक 30 वर्षीय पीएचडी छात्रा की आत्महत्या के बाद गिरफ्तार किया गया. बेन्नियामिन बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं. छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में अगस्त 2025 से लगातार दो वर्षों तक यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था. पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और महिला पर हमला करने की धाराओं में केस दर्ज किया. आरोपी को अदालत में पेश कर 15 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
एक तरह के पैटर्न से बढ़ी चिंता
इन सभी मामलों में कुछ समानताएं साफ दिखती हैं. सत्ता और भरोसे का दुरुपयोग, महिलाओं की कमजोर स्थिति का फायदा उठाना और सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग. नासिक का खरात मामला सामने आने के बाद कई पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने का साहस मिला है. पुलिस ने राज्यभर में विशेष टीमें गठित की हैं और महिलाओं से बिना डर शिकायत करने की अपील की है. हालांकि, लगातार सामने आ रहे मामलों और बरामद वीडियो की संख्या से साफ है कि समस्या कहीं अधिक गहरी और व्यापक हो सकती है. फिलहाल नासिक, अमरावती और पुणे में चल रही जांचों से आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है.
ओमकार