झारखंड में विधानसभा का सत्र शुरू, 14 दिन बाद भी बीजेपी नहीं चुन पाई नेता प्रतिपक्ष

झारखंड में बीजेपी विधायक दल की रविवार को रांची में पार्टी कार्यालय में औपचारिक बैठक तो हुई लेकिन नेता के नाम पर सहमति नहीं बन सकी. विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर हुई बीजेपी अब अच्छे व खराब दिन पर कुछ अधिक ही ध्यान दे रही है. इसीलिए बीजेपी ने अपने विधायक दल के नेता के चयन को खरमास तक के लिए टाल दिया है.

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झारखंड में MLA के साथ बैठक करते पूर्वी सीएम रघुवर दास और केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय झारखंड में MLA के साथ बैठक करते पूर्वी सीएम रघुवर दास और केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

झारखंड विधानसभा का पहला सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है. प्रोटेम स्वीकर स्टीफन मरांडी ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई है. झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बीजेपी अभी तक अपने विधायक दल के नेता का चयन नहीं कर सकी है. झारखंड में सत्ता गंवा चुकी बीजेपी खरमास के फेर में फंसी है. अब वो विधायक दल के नेता का चयन 14 जनवरी यानी खरमास के बाद ही करेगी.

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झारखंड में बीजेपी विधायक दल की रविवार को रांची में पार्टी कार्यालय में औपचारिक बैठक तो हुई लेकिन नेता के नाम पर सहमति नहीं बन सकी. विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर हुई बीजेपी अब अच्छे व खराब दिन पर कुछ अधिक ही ध्यान दे रही है. इसीलिए बीजेपी ने अपने विधायक दल के नेता के चयन को खरमास तक के लिए टाल दिया है.

रघुवर के हार जाने से नए नेता पर मंथन

विधानसभा चुनाव में के चलते बीजेपी को विधायक दल का नेता चुनने के लिए मंथन करना पड़ रहा है. इसी का नतीजा है कि चुनाव नतीजे आए हुए 14 दिन से ज्यादा गुजर गए हैं और विधायक दल के नेता का चयन अब 14 जनवरी के बाद होगा.

खरमास के बाद नए नेता को होगा चयन

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को की, जिसमें सहमति बनी कि विधायक दल के नेता के बगैर ही पार्टी सदन में बैठेगी. पार्टी के वरिष्ठ विधायक अन्य विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे. इसके लिए नीलकंठ सिंह मुंडा, सीपी सिंह और अनंत ओझा को अधिकृत किया गया.

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पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने भी रविवार को संवाददाताओं से कहा कि बीजेपी विधायक दल के नेता का पद फिलहाल खाली रहेगा. बीजेपी में खरमास में कोई काम नहीं किया जाता है. इसीलिए 14 जनवरी के बाद सर्वसम्मति के साथ विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा.

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