पाक ने फिर किया सीजफायर उल्लंघन, BSF चौकियों और रिहाइशी इलाकों को बनाया निशाना

अधिकारी ने बताया कि कुछ दिनों के अंतराल के बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने शनिवार को ‘बिना उकसावे के अंधाधुंध गोलीबारी की.’ इसके बाद भारतीयों बलों ने भी उनका माकूल जवाब दिया. हालांकि, गोलीबारी की घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

Advertisement
फाइल फोटो फाइल फोटो

अजीत तिवारी

  • जम्मू,
  • 28 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:01 AM IST

पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर नापाक हरकत की है. पाक सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के कृष्णा घाटी एवं मानकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा के निकट अग्रिम भारतीय चौकियों एवं ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलीबारी की.

अधिकारी ने बताया कि कुछ दिनों के अंतराल के बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने शनिवार को ‘बिना उकसावे के अंधाधुंध गोलीबारी की.’ इसके बाद भारतीयों बलों ने भी उनका माकूल जवाब दिया. हालांकि, गोलीबारी की घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

Advertisement
27 दिन में करीब 150 बार सीजफायर तोड़ चुका पाक

सीमा पर पाकिस्तान लगातार सीजफायर उल्लंघन कर रहा है. हालांकि, भारतीय सेना भी जवाबी कार्रवाई में मुंहतोड़ जवाब दिया है. लेकिन ऐसे में दोनों तरफ से हो रही गोलीबारी में सीमा पर स्थित गांवों को काफी नुकसान हुआ है. बड़ी संख्या में लोगों ने पलायन किया है.

आंकड़ों की मानें, तो हालिया दिनों में हुए सीजफायर उल्लंघन पिछले 15 साल में जनवरी माह में होने वाले उल्लंघन में सबसे ज्यादा है. इस साल 27 जनवरी तक पाकिस्तान करीब 150 बार सीजफायर तोड़ चुका है. यही नहीं, पाकिस्तान ने गणतंत्र दिवस पर भी सीजफार का उल्लंघन किया था.

2017 में 860 और 2016 में 271 बार पाक ने किया सीजफायर उल्लंघन

बता दें कि 2017 में कुल 860, 2016 में 271 और 2015 में कुल 387 बार पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन किया जा चुका है. पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर और एलओसी पर लगातार गोलियां बरसा रहा है. मीडिया रिपोर्ट की मानें, इस दौरान 200 से ज्यादा आतंकी भी मारे गए. हालांकि जम्मू-कश्मीर में 61 भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं.

Advertisement

गांवों में फैली दहशत

सीमा के निकट बसे गांवों में दहशत का माहौल है. रोज हो रही के कारण बड़ी संख्या में गांव के लोग अपना घर-बार छोड़ने पर मजबूर हुए हैं. हालात ऐसे हैं कि सीमा पर गांव के गांव खाली हो चुके हैं. आतंक के खौफ से निकलकर यहां बसे गांव के लोग सुरक्षित जगहों पर जाने लगे हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »