गुरुग्राम: 102 साल से हो रही है यह खास रामलीला

श्री राम लीला कमेटी पुरानी गुरुग्राम के सदस्यों ने सौ सालों से चली आ रही इस पुरानी परंपरा को बरकरार रखा है. इस रामलीला में महिलाएं पात्र नहीं बनती हैं. सदर बाजार के स्थानीय लोग विभिन्न भूमिकाएं कई वर्षों से निभा रहे हैं.  यहां की रामलीला करने वाले कलाकार भजन के गायक हैं. कुछ गीत और कविताएं लिखते हैं.

Advertisement
रामलीला रामलीला

अंकुर कुमार / स्मिता ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 27 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:19 AM IST

गुरुग्राम के संकट मोचन धाम में आयोजित होने वाली रामलीला खास है. 102 साल से लगातार यहां हर नवरात्र में राम लीला का आयोजन किया जा रहा है. श्रीरामचरितमानस को आधार मान कर यहां चौपाइयों और दोहों के साथ राम लीला की जाती है. ये दिल्ली एनसीआर की सबसे पुरानी रामलीला में से एक है.

श्री राम लीला कमेटी पुरानी गुरुग्राम के सदस्यों ने सौ सालों से चली आ रही इस पुरानी परंपरा को बरकरार रखा है. इस रामलीला में महिलाएं पात्र नहीं बनती हैं. सदर बाजार के स्थानीय लोग विभिन्न भूमिकाएं कई वर्षों से निभा रहे हैं.  यहां की रामलीला करने वाले कलाकार भजन के गायक हैं. कुछ गीत और कविताएं लिखते हैं.

Advertisement

इतिहास

1916 से इस जगह रामलीला होती आ रही है. ब्रिटिश सरकार के काल से हो रही इस रामलीला को देखने दूर दूर से लोग आते हैं. मंदिर के पास के ग्राउंड में एकत्र होकर लोग रामलीला किया करते थे. इस से 1967 से जुड़े महावीर प्रसाद श्रीवास्तव बताते हैं " इतने सालों से चली आ रही इस रामलीला में ज्यादा कुछ नहीं बदला, पीढ़ी दर पीढ़ी लोग इससे जुड़ते रहे हैं. रामलीला का एक मंच बना दिया गया है, कोई भी कलाकर एक पैसा भी नहीं लेता है.

विशेषता

इस रामलीला ने पुरानी परंपराओं को बरकरार रखा है. मंच सज्जा से लेकर पात्रों के पहनावे तक में सादगी और परंपरा झलकती हैं. मानस की चौपाइयों और गीतों का महत्व है. रामलीला को सहज और सरल रखने की कोशिश की जाती है.

Advertisement

पुराने किरदार

20 सालों से लगातार लक्ष्मण का कि‍रदार निभा रहे राज कुमार गोयल पेशे से बिज़नेसमैन हैं. राज कुमार कहते हैं " हमारे खून में रामलीला है, मेरे पिता भी यहां पहले रावण का किरदार निभाते थे. 25 साल लगातार राम का किरदार निभाने वाले महावीर प्रसाद श्रीवास्तव रेलवे में काम करते थे. नौकरी के साथ साथ हर साल 15 दिनों की छुट्टी लेकर राम का किरदार निभाते थे. उनका कहना है कि अब राम का किरदार तो नहीं करता पर जुड़ा हुआ हूं. रामलीला के आयोजक मुकेश कुमार गोयल की ये तीसरी पीढ़ी है. वह रावण का किरदार 15 साल की उम्र से करते आ रहे हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »