Yamuna Flowing Above Danger: राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्रों में बारिश के थमने से भले लोगों ने राहत की सांस ली हो लेकिन अब यमुना का जलस्तर खतरा बन रहा है. दिल्ली में मंगलवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. इसके चलते आस-पास के निचले इलाकों को अलर्ट जारी कर दिया गया है. वहीं पानी का स्तर बढ़ने से पुराने यमुना पुल से ट्रेनों को नई दिल्ली के रास्ते चलने के लिए डायवर्ट किया जाएगा. यमुना का जलस्तर इस समय 206.59 मीटर तक पहुंच गया है. जलस्तर में और वृद्धि की आशंका के मद्देनजर लोगों को सावधान करने के लिए घोषणाएं की जा रही हैं.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि प्रभावित निचले इलाकों में बड़ी संख्या में सिविल डिफेंस वर्कर्स को तैनात किया है ताकि जलस्तर खतरे के निशान के नीचे आने तक लोगों को घर वापस जाने से रोका जा सके. यमुना के आसपास के इलाकों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाता है. बता दें, इन निचले इलाकों में कम से कम 37,000 लोग रहते हैं. पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अनिल बांका की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली प्रशासन ने लगभग 6,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अधिकारी आज सुबह 1 से 4 बजे तक पल्ला क्षेत्र (जिससे यमुना दिल्ली में प्रवेश करती है) में लगातार यमुना का स्तर रिकॉर्ड कर रहे हैं. अधिकारियों ने हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से सुबह सात बजे तक लगभग 96,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना दी. बता दें, 26 सितंबर की शाम करीब 5 बजे हथिनीकुंड बैराज से 2 लाख 95 हजार 912 क्यूस्क पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ा है.
दिल्ली में यमुना नदी के तटवर्ती निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालने के लिए ‘अलर्ट’ जारी किया गया है और नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर 206.59 मीटर तक पहुंच गया है. लगातार बारिश के बाद इस साल जलस्तर में अब तक की सबसे अधिक बढ़ोतरी है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
बढ़ा जलस्तर तो डूबे खेत खलिहान
दिल्ली में सितंबर में भारी बारिश के चलते सोमवार को जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया. पानी का लेवल बढ़ने के चलते यमुना के किनारे बने खेत खलिहान सहित निचले इलाकों में भी काफी पानी भर गया है. यमुना किनारे झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान की ओर रुख कर रहे हैं. खतरे को देखते हुए इन इलाकों में पहले ही अलर्ट कर दिया गया था.
राम किंकर सिंह