फाड़ फेंके तलाक के कागज और लिपटकर खूब रोए... अदालत की चौखट पर जुड़ी शिखा और सौरभ के दिल की डोर

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अक्सर कड़वाहट और विवादों के मंजर देखने को मिलते हैं, लेकिन हाल ही में यहां एक ऐसी घटना घटी जिसने वहां मौजूद वकीलों और आम जनता को भावुक कर दिया.

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दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट के बाहर पति-पत्नी का पुनर्मिलन. (Photo: AI-generated) दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट के बाहर पति-पत्नी का पुनर्मिलन. (Photo: AI-generated)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:32 PM IST

छह साल में शादी, तलाक का मुकदमा और फिर हैप्पी एंडिंग... सारे रंग एक जोड़े ने देख और जी लिए. जिससे तलाक चाह रही थी अदालत में उसकी एक मासूम मुस्कुराती नजर ऐसे पड़ी कि रिश्तों को लगी नजर उतर गई. और पति से ऐसी कस कर लिपटी कि तमाम गिले शिकवे आंसुओं के सैलाब में बह गए.

कोर्ट में पति से तलाक का केस लड़ रही शिखा अपने पति सौरभ से गले लगकर ऐसे रोई कि आंसुओं से तलाक के स्याह दस्तावेज गल गए. फिर गले हुए कागजों का क्या ही काम था.  शिखा ने वहीं तलाक के कागज फाड़ दिए. आइए सुनिए हृदय परिवर्तन की ये कहानी...

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सौरभ का विवाह शिखा के साथ 2020 में हुआ था. फिर कुछ महीनों बाद ही पति के साथ किच-किच खट-पट और फिर पति पर दहेज प्रताड़ना का फर्जी मुकदमा.

मांग थी पति से तलाक हो और वो जेल की चक्की पीसे. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पांच साल से मुकदमा चल रहा था. वकीलों के दांव पेंच, कानूनी प्रक्रिया की लंबी अंधेरी सुरंग में लड़ते चलते शिखा के पिता की जमा पूंजी चुक गई.

लेकिन बेटी की जिद और भविष्य के तनाव व आर्थिक तंगी के चलते शिखा के पिता को हार्ट अटैक आ गया. गांठ में पैसा था नहीं तो शिखा ने उनको सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया.

पिता की बीमारी ने बदल दी पूरी कहानी

शिखा के पति सौरभ को जब यह सब पता चला तो विवाद की परवाह किए बिना वह अपने ससुर को अच्छे अस्पताल यानी गुरुग्राम के मेदांता मेडिसिटी में ले गया. समय से बढ़िया इलाज मिला तो वो ठीक हो गए.

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कोर्ट के बाहर का वो पल

शिखा भी लाइन पर आ गई लेकिन एक अटक थी. मिलन में मुकदमा आड़े आ रहा था. पिता घर आए. अगले ही दिन कोर्ट में सुनवाई थी दोनों कोर्ट पहुंचे वकील बहस कर रहे थे. तभी जज साहब ने सौरभ से पूछा कि तलाक देना चाहते हो?

सौरभ ने कुछ बोलने से पहले शिखा की ओर फीकी मुस्कान फेंकी. बस उसी पल शिखा ने तलाक के कागज फाड़ दिए और दौड़ती हुई सौरभ के पास आ गई. उसके बाद शिखा अपने पति के साथ कुछ इस तरह लिपटकर रोने लगी कि अदालत में एकदम सन्नाटा छा गया. पति के इस व्यवहार से शिखा को बहुत पछतावा हुआ.

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