Nirbhaya Case: निर्भया के गुनहगारों का एक और पेच, सुप्रीम कोर्ट के बाद अब चुनाव आयोग में अर्जी

Nirbhaya Case दोषी विनय शर्मा की ओर से दायर अर्जी में कहा गया है कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने 29 जनवरी को राष्ट्रपति के पास विनय की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की तो वो ना तो मंत्री थे और ना ही विधायक.

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Nirbhaya Case: निर्भया का गुनहगार विनय शर्मा (फाइल फोटो-PTI) Nirbhaya Case: निर्भया का गुनहगार विनय शर्मा (फाइल फोटो-PTI)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 2:44 PM IST

  • दया याचिका खारिज को बताया असंवैधानिक
  • चुनाव आयोग से कानून संज्ञान लेने की मांग

Nirbhaya Case फांसी से बचने के लिए निर्भया के गुनहगार हर हथकंडे अपना रहा है. अब दोषी विनय शर्मा ने एक और दांव चला है. उसके वकील एपी सिंह ने चुनाव आयोग में अर्जी दाखिल की है. इस अर्जी में कहा गया है कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने 29 जनवरी को राष्ट्रपति के पास विनय की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की तो वो ना तो मंत्री थे और ना ही विधायक.

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दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने कहा कि सत्येंद्र जैन ने 30 जनवरी को अपना साइन व्हाट्स ऐप के जरिए भेजा. अर्जी में कहा गया है कि ऐसे में दया याचिका खारिज करना गैरकानूनी और असंवैधानिक है, क्योंकि उस समय दिल्ली में चुनाव के लिए आदर्श चुनाव संहिता चल रही थी. अर्जी में चुनाव आयोग से कानूनी संज्ञान लेने की मांग की गई है.

गुनहगार ने खुद को किया चोटिल

इस बीच तिहाड़ जेल में बंद दोषी विनय कुमार ने खुद को चोटिल करने की नाकाम कोशिश की. विनय कुमार ने खुद का सिर दीवार पर दे मारा. जेल प्रशासन के मुताबिक, 16 फरवरी को हुई इस घटना में विनय को कुछ हल्की चोटें भी आई हैं.

3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी

चारों दोषियों को तीन मार्च सुबह छह बजे फांसी दी जाएगी. पटियाला हाइस कोर्ट ने 17 फरवरी को नया डेथ वारंट जारी किए जाने की मांग वाली याचिका पर यह फैसला दिया. यह मामला दिसंबर 2012 में राष्ट्रीय राजधानी में 23 वर्षीय एक महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा हुआ है.

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मां बोलीं- कोर्ट के फैसले से खुश

कोर्ट के हालिया आदेश पर संतोष जाहिर करते हुए निर्भया की मां ने कहा कि मैं संतुष्ट और खुश हूं. मुझे उम्मीद है कि दोषियों को आखिरकार तीन मार्च को फांसी दी जाएगी. यह मामला दिसंबर 2012 में राष्ट्रीय राजधानी में एक 23 साल की लड़की के सामूहिक दुष्कर्म व हत्या से जुड़ा है.

31 जनवरी को फांसी पर लगी थी रोक

31 जनवरी को निचली अदालत ने चार दोषियों - मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31)- की फांसी की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी.

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