डॉक्यूमेंट्री विवाद: हिंदू सेना ने BBC के दिल्ली ऑफिस के बाहर लगाईं तख्तियां, बैन करने की मांग

हिंदू सेना के सदस्यों ने बीबीसी ऑफिस के मुख्य द्वार के बाहर ‘‘बीबीसी भारत की एकता के लिए खतरा है और इसे बैन किया जाना चाहिए’ और ‘‘बीबीसी भारत की छवि को धूमिल करना बंद करो’’ लिखी तख्तियां लगायी. हिंदू सेना के सदस्यों ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी दोनों की छवि खराब करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया.

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डॉक्यूमेंट्री पर विवाद जारी है डॉक्यूमेंट्री पर विवाद जारी है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 4:03 AM IST

हिंदू सेना के सदस्यों ने 2002 के गुजरात दंगों पर BBC डॉक्यूमेंट्री को लेकर रविवार को दिल्ली स्थित ऑफिस के बाहर कथित तौर पर बीबीसी विरोधी तख्तियां लगाईं. विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को लेकर जारी विवाद के बीच बीबीसी ऑफिस के मुख्य द्वार के बाहर ‘‘बीबीसी भारत की एकता के लिए खतरा है और इसे बैन किया जाना चाहिए’ और ‘‘बीबीसी भारत की छवि को धूमिल करना बंद करो’’ लिखी तख्तियां लगायी गईं. पुलिस ने तख्तियों को हटा दिया. हिंदू सेना के सदस्यों ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी दोनों की छवि खराब करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया.

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एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया
हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता ने कहा कि बीबीसी देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है और चैनल को भारत में तुरंत बैन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत में बीबीसी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. गुप्ता ने दावा किया कि संगठन द्वारा माफी मांगने के बाद प्रतिबंध हटाया गया था.

पुलिस ने हटाई तख्तियां
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पास में मौजूद हमारी गश्ती टीम ने बीबीसी कार्यालय के बाहर तख्तियों को देखा और उन्हें हटाया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनमें से कुछ (हिंदू सेना के सदस्य) तख्तियों को कहीं और प्रदर्शित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे नहीं कर सके और भाग गए.’’ उन्होंने कहा कि कोई शिकायत नहीं मिलने के कारण कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की गई है.

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यहां हुआ था विरोध प्रदर्शन
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने पिछले सप्ताह यहां विरोध प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई थी जब विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

सरकार ने डॉक्यूमेंट्री को किया था बैन
केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया मंच ट्विटर और यूट्यूब को ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ नामक इस डॉक्यूमेंट्री के लिंक को ब्लॉक करने का निर्देश दिया था. विदेश मंत्रालय ने इसे ‘दुष्प्रचार सामग्री’ करार देते हुए कहा था कि इसमें तटस्थता की कमी है और औपनिवेशिक मानसिकता झलकती है. हालांकि, इसके बाद भी कई जगह ये डॉक्यूमेंट्री देखी गई. कई यूनिवर्सिटी में छात्रों ने डॉक्यूमेंट्री देखी.

 

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