दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के नेहरू प्लेस इलाके में एक क्लब के बाहर पुरुषों के एक ग्रुप ने पूर्वोत्तर की दो महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की, उन पर हमला किया और उन पर नस्लभेदी टिप्पणियां कीं. पुलिस का कहना है कि इस मामले में चार लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है.
पुलिस ने बताया कि यह घटना 10 मई को सुबह करीब 6.30 बजे होटल के बाहर एक चाय की दुकान के पास हुई. सुबह करीब 7 बजे कालकाजी पुलिस स्टेशन में संकट में फंसी महिलाओं के बारे में एक PCR कॉल आई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और वहां दोनों महिलाओं को पाया.
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, "शुरुआती जांच में पता चला कि पुरुषों के एक ग्रुप ने महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणियां और गालियां दीं, जो बाद में हाथापाई में बदल गई."
महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे होटल के बाहर चाय पी रही थीं, तभी दो पुरुषों ने उन पर फब्तियां कसना शुरू कर दिया. जल्द ही, कथित तौर पर कई और लोग भी इसमें शामिल हो गए, जिससे बहस शुरू हो गई जो बाद में हिंसक हो गई.
अधिकारी ने कहा, "शिकायत करने वाली महिलाओं में से एक ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की गई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए. महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणियां कीं."
महिलाओं में से एक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे मौके से जाने की कोशिश कर रही थीं, तब उन पर बांस की लाठी से हमला किया गया. आरोपियों ने उनका रास्ता भी रोक दिया और धमकी दी कि अगर उन्होंने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे.
पुलिस ने बताया, "पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद दोनों महिलाओं को मेडिकल जांच के लिए तुरंत AIIMS ले जाया गया. 10 मई को कालकाजी पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 115 (2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 74 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर आपराधिक बल का प्रयोग या हमला करना), 126 (2) (गलत तरीके से रोकना), 351 (2) (आपराधिक धमकी), 78 (पीछा करना) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया और तुरंत जांच शुरू कर दी गई."
महिलाओं ने पुलिस को बताया कि अगर आरोपियों को उनके सामने पेश किया जाए तो वे उनकी पहचान कर सकेंगी.
जांच के तहत, आस-पास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, और घटना के दौरान मौजूद कई गवाहों और राहगीरों की पहचान करके उनसे पूछताछ की गई.
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान गवाहों और राहगीरों समेत आठ लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की गई, जिसके बाद इस घटना में शामिल चार मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है.
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस ने बताया कि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
आशुतोष कुमार