दिल्ली में सांस लेना दूभर, कई जगहों पर खतरनाक हुई हवा

दिल्ली में जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रदूषण की मार बढ़ती जा रही है. आसपास के राज्यों में जलाए जा रहे पराली भी आग में घी डालने का काम कर रहे हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (रॉयटर्स) प्रतीकात्मक तस्वीर (रॉयटर्स)

रविकांत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 26 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 1:12 PM IST

देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह धुंध छाने के साथ हवा की क्वॉलिटी अब भी खराब बनी हुई है. यहां का न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. तापमान गिरने के कारण प्रदूषण की समस्या और गंभीर बनती जा रही है.

दिल्ली के उन सभी चेकिंग स्टेशन पर जहां प्रदूषण की निगरानी हो रही है, वहां हवा की क्वॉलिटी या तो खतरनाक या अति बदतर हालत में है. सबसे दूषित हवा जहांगीरपुरी में है, जिसके ठीक सटे भलस्वा लैंडफिल साइट है. कचरे के ढेर में कई दिनों से आग लगी है. यहां उठते धुएं ने आसपास के कई इलाकों में सांस लेना दूभर कर दिया है.

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शुक्रवार सुबह जारी एअर क्वॉलिटी इंडेक्स में पंजाबी बाग में पीएम10 का स्तर 429 पाया गया जो कि खतरनाक श्रेणी में आता है. आरकेपुरम में 290 और पूसा में 283 दर्ज किया गया. पीएम10 का यह स्तर 'अस्वास्थ्यकर' श्रेणी में आता है.

प्रदूषण की मार झेलती दिल्ली में लोगों को साफ-सुथरी हवा मिले, इसके लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपील की है. कोविंद ने कहा, यह त्योहार का सीजन है. यहां के लोग बढ़ते प्रदूषण से परेशानी झेल रहे हैं. सामाजिक संगठनों को लोगों के बीच जागरूकता फैलानी चाहिए ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पर्व-त्योहार मनाए जाएं.

उधर, प्रदूषण पर एक्शन प्लान बनाने के लिए एनजीटी ने दिल्ली सरकार को 31 दिसंबर तक का वक्त दिया है. कोर्ट ने सरकार को कहा है कि पूरी तैयारी करके बताएं कि प्रदूषण को बढ़ाने में कौन-कौन से कारक दिल्ली में जिम्मेदार हैं और उनको किस तरह से दूर करने के लिए उपाय किए जा सकते हैं. फिर चाहे वो कंस्ट्रक्शन से जुड़ा प्रदूषण हो या फिर दिल्ली में वाहनों के इस्तेमाल से जुड़ा हो. खेती के चलते होने वाला प्रदूषण भी जिम्मेदार हो, तो इसकी जानकारी दी जाए. कोर्ट ने कहा कि पिछले सालों में ग्रीन गैसों का दिल्ली में क्या प्रतिशत रहा है और फिर उनका दिल्ली में फिलहाल क्या स्तर है.

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कोर्ट दिल्ली सरकार से इस बात पर नाराज था कि लोग लगातार प्रदूषण की चपेट में आ रहे हैं और प्रदूषण का स्तर हानिकारक स्तर तक पहुंच रहा है लेकिन उसके बावजूद दिल्ली सरकार अब तक एक्शन प्लान तक बनाने में नाकामयाब रही है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की मानें तो पिछले दो दिनों में दिल्ली में हवा की क्वालिटी बहुत खराब रही. प्रदूषकों की वजह से द्वारका, पश्चिम में मुंडका, उत्तर-पश्चिम में रोहिणी और पूर्व में आनंद विहार में एअर क्वालिटी का स्तर 'गंभीर' रहा. वहीं, एक दिन पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 32.4 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री नीचे 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

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