DU में LLB सीट कटौती पर सुनवाई से अलग हुए हाई कोर्ट जज

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एलएलबी की 2310 सीटों को घटाकर 1440 कर दिया गया है और याचिका में इसी निर्णय को इस आधार पर चुनौती दी गई है क्योंकि इसमें नुकसान सिर्फ छात्रों का हो रहा है जो इस फैसले के बाद एलएलबी नहीं कर पा रहे हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2017,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एलएलबी की सीटों को घटाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में लगाई गई याचिका को हाइकोर्ट जज ने सुनने से खुद को अलग कर लिया है. उन्होंने कहा, याचिका दूसरी बेंच को ट्रांसफर कर रहे हैं, दूसरी बेंच 2 बजे के बाद दोबारा सुनवाई करेगी. दरअसल, जज लॉ कैम्पस की कमेटी से जुड़े हुए हैं, लिहाजा उन्होंने मामले की सुनवाई के बजाय याचिका को दूसरे जज को ट्रांसफर कर दिया है. आज की सुनवाई बेहद अहम है क्योंकि 7 जून से एलएलबी की एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो रही है.

इससे पहली सुनवाई में दिल्ली यूनिवर्सिटी में एलएलबी की सीटों को कम करने के खिलाफ लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट ने बार काउंसिल, केंद्र सरकार और दिल्ली यूनिवर्सिटी को नोटिस किया है. दरअसल दिल्ली यूनिवर्सिटी में एलएलबी की 2310 सीटों को घटाकर 1440 कर दिया गया है और याचिका में इसी निर्णय को इस आधार पर चुनौती दी गई है क्योंकि इसमें नुकसान सिर्फ छात्रों का हो रहा है जो इस फैसले के बाद एलएलबी नहीं कर पा रहे हैं.


7 जून से एलएलबी के लिए एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो रही है. इस बार सिर्फ 1440 छात्रों को ही दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रवेश दे रहा है. ऐसे में 5 जून को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई बेहद अहम है. पिछले साल ही बार काउंसिल के निर्देश पर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने इन सीटों को घटाया है. इस बार से दिल्ली यूनिवर्सिटी में को खत्म कर दिया गया है क्योंकि डीयू को बार काउंसिल से एक लॉ सेंटर में 480 छात्रों को एडमिशन देने की इजाजत दी गई है. डीयू के पास तीन लॉ सेंटर हैं लिहाजा कुल सीट 1440 होगी जो इस सत्र से लॉ सेटर में छात्रों के एडमिशन के लिए होगी.


पिछले साल कुछ लॉ स्टूडेंन्स ने ही हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में जितने छात्रों को लॉ कोर्स में एडमिशन दिया जाता है उनके लिए जरुरी इंनफ्रास्ट्रचर और साधन डीयू के पास नहीं हैं और ये यूजीसी और बार काउंसिल की दिशानिर्देशों का उल्लंघन है.

कोर्ट ने इस याचिका को सुनने के बाद बार काउंसिल को यूनिवर्सिटी के लॉ फैकल्टी का इंस्पेक्शन करने का आदेश दिया था. जिसके बाद एलएलबी की सीटों को बार काउंसिल ने घटा दिया है और दिल्ली यूनिवर्सिटी बार के इसी आदेश के मुताबिक इस बार एलएलबी की सीटों को घटाकर एडमिशन दे रही है.

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