दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के तहत काम करने वाली सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के 40 से ज्यादा डॉक्टरों और अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर दिया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से साफ कहा गया है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सरकारी अस्पतालों के लिए होने वाली दवाइयों की खरीद-फरोख्त में पूरी पारदर्शिता लाई जा सके और जनता के प्रति सिस्टम की जवाबदेही तय हो.
इस कड़ी कार्रवाई की मुख्य वजह पिछले दिनों विजिलेंस डिपार्टमेंट द्वारा CPA दफ्तर में मारी गई अचानक छापेमारी को माना जा रहा है. इस छापेमारी के दौरान टीम को दवाइयों की खरीद और एजेंसी के कामकाज में कई गंभीर गड़बड़ियां और कमियां मिली थीं. विजिलेंस की इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने यह सख्त रुख अपनाया है.
इस बड़े फैसले की गाज विभाग के कई बड़े अधिकारियों पर भी गिरी है. ट्रांसफर किए गए लोगों में CPA के हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा समेत 10 सीनियर डॉक्टर शामिल हैं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से वहां से हटा दिया गया है.
डॉक्टरों के अलावा प्रशासनिक मोर्चे पर तैनात 10 अन्य कर्मचारियों को भी बदला गया है, जिनमें सेक्शन ऑफिसर, सीनियर असिस्टेंट और जूनियर असिस्टेंट स्तर के स्टाफ शामिल हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य और सरकारी काम में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
यह भी पढ़ें: दिल्ली में सूर्या चौहान जैसा हत्याकांड! नाबालिग को चाकू गोदकर उतारा मौत के घाट
सुशांत मेहरा