हरियाणा-यूपी बॉर्डर सील होने से दिल्ली में इन चीजों की सप्लाई पर पड़ेगा असर

पड़ोसी राज्यों के फैसले से राष्ट्रीय राजधानी में हरी सब्जी और फलों की आपूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. हरियाणा और उत्तर प्रदेश, दोनों ही राज्य सब्जी के सबसे बड़े उत्पादक राज्यों में से एक हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2020,
  • अपडेटेड 12:42 PM IST

  • सब्जी, दूध की आपूर्ति पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव
  • सब्जी के बड़े उत्पादकों में शामिल हैं हरियाणा और यूपी

दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए आसपास के राज्यों ने दिल्ली से दूरी बनानी शुरू कर दी है. उत्तर प्रदेश के बाद अब हरियाणा सरकार ने भी दिल्ली से लगती सीमा सील कर दी है. दोनों पड़ोसी राज्यों के सीमा सील करने से दिल्ली में कई चीजों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.

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पड़ोसी राज्यों के फैसले से राष्ट्रीय राजधानी में हरी सब्जी और फलों की आपूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. हरियाणा और उत्तर प्रदेश, दोनों ही राज्य सब्जी के सबसे बड़े उत्पादक राज्यों में से एक हैं. हरियाणा ने पहले सूबे से सब्जी की दिल्ली में आपूर्ति पर भी रोक लगा दी थी. इससे आजादपुर मंडी में सब्जी की आवक काफी कम हो गई थी और सब्जी, फल की कीमतों में काफी उछाल आया था.

दिल्ली में दूध की सप्लाई भी पड़ोसी राज्यों से अधिक होती है. दोनों पड़ोसियों के सीमा सील करने से दूध की आपूर्ति भी प्रभावित होगी. हालांकि, उत्तर प्रदेश ने दूध-सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पर रोक के संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं जारी किए हैं. लेकिन कोरोना के डर के कारण आवश्यक वस्तुओं को लेकर दिल्ली जाने में वाहन चालकों के कन्नी काटने से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.

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गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने जब पिछली बार दिल्ली से सटी गुरुग्राम की सीमा सील करने का आदेश दिया था, तब सब्जियां, फल, अनाज, अंडे, मांस, मुर्गी, दूध, अनाज की आपूर्ति से जुड़े लोगों को आवागमन की अनुमति दी गई थी. दवा, चिकित्सा उपकरण, पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर, वेंटिलेटर की आपूर्ति से जुड़े लोगों के साथ ही एम्बुलेंस, एटीएम की कैश वैन, एलपीजी, ऑयल कंटेनर या टैंकर को भी आवागमन की अनुमति दी गई थी.

बता दें कि हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने 28 मई को दिल्ली की सीमा सील रखने का ऐलान किया था. प्रदेश में 123 नए मामले सामने आने के बाद उन्होंने कहा था कि 80 फीसदी मामले दिल्ली से सटे जिलों से ही सामने आ रहे हैं.

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