इसी साल फरवरी में दिल्ली के कनॉट प्लेस के सी-ब्लॉक की एक छत भरभराकर गिर गई थी. ऐतिहासिक कनॉट प्लेस में ये हादसा सबके लिए हैरान करने वाला था. गनीमत ये थी कि कोई हताहत नहीं हुआ. उस वक्त यह तय हुआ था कि छत में निर्माण और वजन रखे होने की वजह से छत गिरी थी ऐसे में आगे से दिल्ली के कनॉट प्लेस की किसी भी छत में निर्माण नहीं होगा और ना ही कोई वजन रखा जाएगा.
लेकिन अब वही गलती दोहराई जा रही है. सीपी में धड़ल्ले से अवैध कंस्ट्रक्शन लगातार जारी है. किसी भी इमारत पर नजर डालिए आपको छतों पर इसी तरह से निर्माण मिलेगा. अवैध निर्माण के खिलाफ नई दिल्ली नगर पालिका परिषद में अर्जी लगा लगा कर थक चुके इन दुकानों के मालिकों को अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है.
दरअसल सीपी हेरिटेज बिल्डिंग है और यहां ज्यादातर दुकानें सालों पहले बनी हैं. ऐसे में किराएदारों ने एनडीएमसी अधिकारियों से सांठगांठ करके धड़ल्ले से अवैध कंस्ट्रक्शन शुरू कर दिया जो अब दुकान बन गया है. दरअसल कनॉट प्लेस की निर्माण सामग्री बेहद कमजोर है ऐसे में अगर छतों पर और भार लादा गया तो छत गिरने का खतरा सबसे ज्यादा है.
यही नहीं हम उस जगह भी पहुंचे जहां फरवरी में छत गिर गई थी. हैरानी हुई कि उस जगह के आसपास लगातार कंस्ट्रक्शन जारी है और पिछले हादसे से कोई सबक नही लिया गया.
नाम ना छापने की शर्त पर सीपी में स्टोर चला रहे कई दुकानदारों ने बताया की छतों पर हो रहे अवैध निर्माण नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अधिकारियों से छिपी नहीं है लेकिन उन्हें अपने मिल जाता है जिसके बाद वह यहां से नजरें फेर लेते हैं हैरानी की बात यह है कि देश की राजधानी दिल्ली की नगर पालिका परिषद में इस तरह के काम होते हैं जो बहुत चौंकाने वाली बात है.
इस खबर पर हमने एनडीएमसी से प्रतिक्रिया लेने की तमाम कोशिशें कीं पर भी मुनासिब नहीं समझा. बहरहाल एक बात तो साफ है कि अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से किसी भी दिन कनॉट प्लेस में कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
अंकित यादव