वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए पर्यटन को बड़ा बूस्ट दिया है. खासकर इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म पर फोकस करते हुए सरकार ने इकोलॉजिकली सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स (पहाड़ी ट्रेकिंग और हाइकिंग ट्रेल्स) विकसित करने का ऐलान किया. ये ट्रेल्स खास तौर पर चार प्रमुख इलाकों में बनेंगे ताकि भारत दुनिया के लिए वर्ल्ड-क्लास ट्रेकिंग और हाइकिंग का हब बन सके. आइए जानते हैं बजट की ये खास बातें जो माउंटेन ट्रेल्स से जुड़ी हैं.
इन तीन राज्यों में माउंटेन ट्रेल्स
उत्तर भारत के इन तीन हिमालयी राज्यों में इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स बनाए जाएंगे. ये ट्रेल्स ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए होंगे. हाइकर्स को अब रोहतांग, केदारनाथ या वैष्णो देवी जैसे स्पॉट्स के अलावा नए ट्रेल्स एक्सप्लोर करने का मौका मिल सकेगा.
आंध्र प्रदेश की अराकू वैली में भी सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की गई है. इससे दक्षिण भारत के ट्रेकर्स प्लांटेशंस और वॉटरफॉल्स के बीच हाइकिंग कर पाएंगे. यही नहीं तमिलनाडु-केरल बॉर्डर पर पोथिकाई मलै (Western Ghats) में भी ये ट्रेल्स बनेंगे. ये इलाका बायोडायवर्सिटी से भरपूर है तो ये ट्रेल्स इको-टूरिज्म को प्रमोट करेंगे.
सरकार का मानना है कि भारत में ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए जबरदस्त पोटेंशियल है. इन ट्रेल्स से न सिर्फ टूरिज्म बढ़ेगा, बल्कि लोकल एम्प्लॉयमेंट, इको-फ्रेंडली डेवलपमेंट और रीजनल ग्रोथ को पुश मिलेगा. साथ ही, अन्य ट्रेल्स जैसे टर्टल ट्रेल्स (ओडिशा, कर्नाटक, केरल) और बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स भी ऐलान हुए हैं लेकिन माउंटेन ट्रेल्स का फोकस पहाड़ी राज्यों पर है. इससे वहां के लोगों की जीवनशैली में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा.
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 3.0 कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया, जबकि फाइनेंस मिनिस्टर के रूप में ये उनका 9वां बजट है. उन्होंने लोकसभा में बजट भाषण की शुरुआत में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी बात कही. सीतारमण ने कहा कि हम सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बहुत जल्द बनने जा रहे.
मानसी मिश्रा