स्टेटस सिंबल बनी साइकिल की सवारी, बाजार में बढ़ गई मांग

दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए 1 जनवरी के लागू किए ऑड-इवन फॉर्मूले की वजह से जहां एक ओर कारों के इस्तेमाल में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर साइकिल की मांग में काफी इजाफा हुआ है. अब साइकिल को लोग फैशन के साथ ही स्टेटस सिंबल भी मान रहे हैं.

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बढ़ रही साइकिल की मांग बढ़ रही साइकिल की मांग

सुरभि गुप्ता / अंकित यादव

  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 11:46 PM IST

कभी साइकिल केवल मजबूरी का नाम मानी जाती थी. आज वही साइकिल तेजी से लक्जरी आइटम बनती जा रही है. ऑड-इवन फार्मूला लागू होने के बाद दिल्ली में जहां कारों पर लगाम लगी है, वहीं दूसरी तरफ साइकिल की सेल तेजी से बढ़ी है, लक्जरी साइकिल में तो और भी तेजी देखी गई है.

मिल रही 15 लाख तक की साइकिल
भारत सहित दुनिया में हाइएंड साइकिलों की डिमांड बढ़ रही है. दुनिया की कई बड़ी कंपनियां भारत में स्टोर खोल रही हैं. इन साइकिलों में कार्बन और दूसरे मटेरियल का प्रयोग होता है, जिसके चलते ये साइकिलें मजबूत और हल्की होती हैं, लेकिन इनकी कीमत 20 हजार से लेकर 3 लाख तक होती है. भारत में 15 लाख तक की साइकिल मिल रही है.

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युवाओं के लिए फैशन सिंबल बनी साइकिल
खास बात यह है कि अब ऐसे भी लोग सामने आ रहे हैं, जिनके पास पूरे परिवार में हर सदस्य के लिए अलग-अलग साइकिल है, जबकि वे कार भी अफोर्ड कर सकते हैं. वहीं युवा भी बाइक की जगह साइकिल को फैशन सिंबल मान रहे हैं.

स्टेटस सिंबल बन रही साइकिल
दिल्ली में महंगी साइकिल अब स्टेटस सिंबल भी बन रही है. ऐसे में दिल्ली के संपन्न लोग भी कार छोड़कर साइकिल को प्राथमिकता दे रहे हैं. निजी गाड़ियों के चलते बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए साइकिल के लिए लोगों की दिलचस्पी को अच्छा संकेत माना जा सकता है.

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