रायपुर मेडिकल कॉलेज में चार बच्चों की मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

आधी रात बीतते ही अस्पताल में परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया. परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि लापरवाही के चलते एक के बाद एक बच्चे मर गए.

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रायपुर, डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल रायपुर, डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल

सुनील नामदेव

  • रायपुर,
  • 11 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 6:02 PM IST

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में बीते 24 घंटों में हुई चार बच्चों की मौत से उनके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि बच्चों की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है. मरने वाले चार बच्चों में से तीन बच्चों की उम्र महज 14 साल की है. बता दें कि यह सभी बच्चे उल्टी और दस्त के शिकार थे.    

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बच्चों की मौत का सिलसिला बुधवार की सुबह से शुरू हो गया था. जो देर रात तक चलता रहा. आधी रात बीतते ही में परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया. परिजनों ने यह आरोप लगाया कि लापरवाही के चलते एक के बाद एक बच्चे मर गए. परिजनों के मुताबिक ICU में भर्ती सभी बच्चों की देखभाल ठीक से नहीं हो रही थी. डॉक्टर सिर्फ खानापूर्ती करके चले जाते थे.

परिजनों ने यह भी कहा कि यही हाल पैरामेडिकल कर्मियों का भी है. उन्हें मरीजों तक पहुंचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी डॉक्टरों में मानवता और सेवा भाव नहीं है, जिसकी वजह से मरीजों की हालत दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है. अब परिजनों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.  

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वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर विवेक चौधरी ने पीड़ितों के सारे आरोपों को सिरे खारिज कर दिया है. अस्पताल अधीक्षक के मुताबिक ज्यादातर बच्चें यहां से ठीक होकर ही जाते हैं लेकिन सीरियस कंडीशन वाले तीन-चार बच्चों की मौत औसतन 24 घंटों  में होती ही है. अस्पताल अधीक्षक के मुताबिक चारों बच्चों की मौत का मामला भी अलग-अलग है.     

फिलहाल हंगामे के बाद रायपुर जिला प्रशासन ने एसडीएम को अस्पताल भेजा और मामला शांत कराया. वहीं प्रशासन ने पीड़ितों को आश्वस्त किया है कि परिजनों के द्वारा लिखित में शिकायत मिलने के बाद मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी.

आप को बता दें कि इससे पहले भी अगस्त 2017 में रायपुर के इसी अस्पताल में ऑक्सीजन न मिलने की वजह से तीन बच्चों की मौत हो गई थी. और तब भी प्रदेश के ने जांच के आदेश दिये थे.

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