'पंजाब के किसान ही क्यों कर रहे हैं आंदोलन?', बिहार के डिप्टी CM का सवाल

डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि जो बिल भारत सरकार ने लाए हैं किसानों को कोई परेशानी होने वाली नहीं है. उनके हितों की रक्षा होगी. किसान और स्वतंत्र रूप से अपने उपज को बेच सकेंगे.

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डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद (फाइल फोटो-PTI) डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद (फाइल फोटो-PTI)

बिपुल राहुल

  • कटिहार,
  • 07 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:48 AM IST
  • किसानों को भरमाने का प्रयास: तारकिशोर प्रसाद
  • 'कृषि कानूनों से किसानों के हितों की रक्षा होगी'

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है. कल किसानों ने भारत बंद बुलाया है. इन सबके बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं की ओर से किसान आंदोलन के खिलाफ बयानबाजी भी जारी है. बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि किसान आंदोलन एक राजनीतिक हथकंडा बन गया है और किसानों को भरमाने की कोशिश की जा रही है.

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डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि जो बिल भारत सरकार ने लाए हैं किसानों को कोई परेशानी होने वाली नहीं है. उनके हितों की रक्षा होगी. किसान और स्वतंत्र रूप से अपने उपज को बेच सकेंगे. अपने खेत में बेहतर उत्पादन कर सकेंगे. उन्हें कई तकनीकी सहयोग भी मिल पाएगा, इसलिए मुझे लग रहा है कि एक राजनीतिक हथकंडा के रूप में किसानों को भरमाने का प्रयास है.

डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि धीरे-धीरे मुझे लगता है कि किसान इसको समझेंगे, इस योजना का सिर्फ पंजाब राज्य के द्वारा ही विरोध हो रहा है. भारत में कितने राज्य हैं? वहां भी कई प्रकार के फसल का उत्पाद है, लेकिन सिर्फ पंजाब में क्यों हो रहा है और पंजाब के जो कुछ बड़े लोग हैं, जो राजनीति के शिखर में हमेशा काबिज रहे हैं वैसे ही परिवारों के द्वारा उसे नेतृत्व दिया जा रहा है और भरमाने का काम किया जा रहा है.

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डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने पूछा कि किसानों को क्यों भ्रमित किया जा रहा है, इस कानून से कई लोगों का व्यक्तिगत स्वार्थ पूरा नहीं होने जा रहा है. इस कानून के जरिए सीधे किसान लाभान्वित होंगे, इसलिए वह बिचौलिए बेचैन ज्यादा हैं. बिहार के किसानों के हर हित की रक्षा हमसब करते भी हैं और आने वाले दिनों में भी करेंगे.

 

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