बुधवार (14 अप्रैल) को भारतरत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 130वीं जयंती है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक लड़के की ब्लैक एंड वाइट फोटो वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि ये बाबा साहेब अंबेडकर के बचपन की तस्वीर है. तस्वीर के साथ किए गए दावे को सच मानते हुए कमेंट में यूजर्स "जय भीम" लिख रहे हैं. तस्वीर में दिए गए कैप्शन में लिखा है, "क्रांतिकारी जय भीम साथियों, जय भीम का नारा दुनिया में सबसे प्यारा, दुनिया में सबसे सुंदर मेरे बाबा साहेब का बचपन का फोटो."
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये तस्वीर बाबा साहेब के बचपन की नहीं बल्कि दिवंगत कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बचपन की है.
तस्वीर को गलत जानकारी के साथ फेसबुक पर जमकर किया जा रहा है. पिछले साल भी ये तस्वीर भ्रामक दावे के साथ हुई थी. कुछ में भी इस तस्वीर को बाबा साहेब की बचपन की फोटो बताकर प्रकाशित किया गया है. वायरल का आर्काइव देखा जा सकता है.
कैसे पता की सच्चाई?
दरअसल, ये तस्वीर अप्रैल 2018 में भी काफी चर्चा में आई थी. उस समय महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की एक मासिक पत्रिका में इस फोटो को बाबा साहेब की बचपन की तस्वीर बताकर छाप दिया गया था. इस मामले पर प्रकाशित हुईं कई खबरें इंटरनेट पर मौजूद हैं. 'जनसत्ता' की के मुताबिक, इस पत्रिका का नाम "महाराष्ट्र अहेड" था जिसके अप्रैल 2018 के संस्करण में ये गलती हुई थी. ये संस्करण बाबा साहेब की जयंती के चलते उन्हें समर्पित किया गया था. खबरों में बताया गया है कि ये तस्वीर विलासराव देशमुख के बचपन की है, जिसे इस सरकारी पत्रिका में बाबा साहेब के बचपन की फोटो बताकर इस्तेमाल किया गया.
Big mistake by Govt. magazine wrongly prints Congress Leader Late Shri Vilasrao Deshmukh's childhood pic as 's childhood pic.
— Varsha Gaikwad (@VarshaEGaikwad)इस गड़बड़ी को लेकर उस समय राज्य की बीजेपी-शिवसेना सरकार और सूचना विभाग की काफी किरकिरी हुई थी. गलती सामने आने पर मैग्जीन का सर्कुलेशन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया था. मामले पर विलासराव के बड़े बेटे अमित देशमुख और बाबा साहेब के पोते प्रकाश आंबेडकर ने भी नाराजगी जताई थी.
जानकारी को पुख्ता करने के लिए हमारी बात विलासराव देशमुख के छोटे बेटे और विधायक धीरज देशमुख से भी हुई. उन्होंने भी यही कहा कि तस्वीर उनके पिता के बचपन की है और इसे उनके स्कूल के दिनों में महाराष्ट्र के लातूर में खींचा गया था. विलासराव के भांजे अभिजीत देशमुख ने भी हमसे बातचीत में इस बात की पुष्टि की. विलासराव देशमुख लातूर के ही रहने वाले थे और धीरज के मुताबिक फोटो 1957 या 1958 की है.
इस बारे में इंडिया टुडे की बात लातूर के रहने वाले अजय बोराडे पाटिल नाम के एक पत्रकार से भी हुई. अजय लंबे समय से विलासराव देशमुख के प्रशंसक हैं और उनके पास देशमुख से जुड़ी दो लाख से ज्यादा तस्वीरें व वस्तुओं का संग्रह है. NDTV की एक में भी इस बात का जिक्र है. अजय ने भी हमें बताया कि ये तस्वीर विलासराव देशमुख के बचपन की है. उन्होंने हमें इसकी मूल तस्वीर भी भेजी जो उन्हें विलासराव के भांजे अभिजीत देशमुख से मिली थी.
यहां हमारी पड़ताल में साबित हो जाता है कि तस्वीर के साथ किया गया दावा गलत है. विलासराव देशमुख की बचपन की तस्वीर को बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीर बताकर शेयर किया जा रहा है.
अर्जुन डियोडिया